नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, हिंसा के बाद प्रशासन सख्त
Mediawali news
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले हजारों मजदूर अचानक सड़कों पर उतर आए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मजदूर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कुछ जगहों पर यह विरोध हिंसक हो गया। कई स्थानों पर पुलिस के वाहनों में आग लगा दी गई और कानून-व्यवस्था बिगड़ने लगी।
पुलिस के अनुसार, करीब 42 हजार मजदूरों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। अधिकतर जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ इलाकों, खासकर हॉजरी कॉम्प्लेक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं। इससे प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने पड़े।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। अब तक 60 लोगों को हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बीच, जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए माहौल को भड़काने की कोशिश की। भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वाले कुछ अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस को शक है कि यह पूरा प्रदर्शन सिर्फ मजदूरों का गुस्सा नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।
जांच में यह भी पता चला है कि कुछ बाहरी लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल होकर माहौल को और बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है, जिसने ग्रेटर नोएडा पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में मजदूरों की समस्याओं, उनकी मांगों और भविष्य में ऐसे हालात से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई।
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मजदूरों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मजदूरों की समस्याओं को समझता है और उनके समाधान के लिए काम कर रहा है, लेकिन हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल, पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन कोशिश कर रहा है कि बातचीत के जरिए जल्द से जल्द हालात सामान्य किए जाएं और औद्योगिक शांति बहाल हो सके।