Noida Strike : सोशल मीडिया से भड़की आग, Gen Z का गुस्सा फूटा
- पुलिस की गाड़ियां तोड़ी, सड़कों पर पत्थर-रस्सी डालकर किया जाम
Mediawali news, noida
गौतमबुद्ध नगर में पिछले एक सप्ताह से चल रहे प्रदर्शन का कोई नेतृत्व नहीं कर रहा है। अधिकतर प्रदर्शनकारियों की उम्र 18 से 25 के अंदर है। इसलिए ये प्रदर्शन Gen Z यानी युवा कर्मचारियों बताया जा रहा है। ये लोग हरियाणा के साथ अन्य राज्यों में कर्मचारियों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन के बाद प्रेरित हुए हैं। उनका कहना है कि वो लोग सोशल मीडिया विडियो देखे हैं कि कैसे हरियाणा के साथ अन्य राज्यों में सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन हुआ। इसके बाद वहां की सरकारों ने कंपनियों से बातचीत कर एकमुश्त योजना और सैलरी में बढ़ातरी कर दी। अब हम भी वहीं चाहते हैं। वहीं गाड़ियों में आगजनी और सड़क पर रस्सी, पत्थर रखकर अधिकतर जेनजी (GZ) ने जाम लगाते हुए दिखाई दिए। ये लोग बीच में अचानक उग्र भी हुए और कंपनियों में तोड़फोड़ की। गार्डों से मारपीट और सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से भी बहस किए। इनकी बात रखने के लिए कोई लीडर सामने नहीं आ रहा था, ये खुद ही एक साथ हुकार भरकर अपनी मांग पूरी करने के लिए नारे लगा रहे थे।
प्रदर्शन कर रहे Gen Z से द मीडिया वाली रिपोर्टर की बातचीत
(1) मेरा नाम (आकाश) है, बदला हुआ नाम, मैं प्रयागराज का रहने वाला हूं। नोएडा सेक्टर 82 फेज टू एक इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी में नौकरी करता हूं। द मीडिया वाली के रिपोर्टर ने उसे कार में लगाते हुए देखा था, बातचीत में रिपोर्टर ने पूछा कि तुमने ही पहले कार में आग लगाई। ऐसा क्यों किया, राकेश ने जवाब में बताया कि दो महीने पहले वह एक दिन अचानक छुट्टी मार दी। अगले दिन जब वह काम पर आया तो उसके सीनियर ने उसके साथ जानवार की तरह व्यवहार किया। ऐसा लगा कि वह कंपनी नहीं आया तो उनका कोई काम ही नहीं हो पाया। अब कंपनी में कोई ऐसा विभाग नहीं है कि वो लोग किसी से जाकर शिकायत कर सके। इसलिए हमारा गुस्सा फुटा है।
(2) मेरा नाम साक्षी है बदला हुआ नाम, मेरी उम्र 23 साल है। ये लड़की सेक्टर 82 हॉजरी कॉप्लेक्स के पास प्रदर्शनकारियों के साथ में नारे लगा रहे थी। साथ ही उसने ही सबसे पहले रोड पर पत्थर रखकर जाम लगाने के लिए बोला। इसके बाद उसके साथी कर्मचारी रस्सी, पत्थर, पेड़ों की डाल तोड़कर रोड पर रखकर जाम करने लगे। द मीडिया वाली के रिपोर्टर ने उससे बातचीत में पूछा कि तुम कौन हो और कहां से आई हो। उसने तुरंत जवाब दिया, वह बुलंदशर की रहने वाली है और वह सामने वाली कंपनी में नौकरी करती है। वो कंपनी में पैकिंग का काम करती है। उसकी सैलरी 11 हजार तक है। बातचीत में उसने बताया कि जबतक हम लोग लोगों की गाड़ियां नहीं रोकेंगे तब तक सराकर और प्रशासन उनकी नहीं सुनेगी।
(3) मेरा नाम उमेश कौशिश है, बदला हुआ नाम, ये युवक जगह-जगह जाकर लोगों प्रदर्शन की विडियो बना रहा था। इसके बाद पोस्ट करने का नाटक भी कर रहा था। द मीडिया वाली रिपोर्टर ने उससे बातचीत की तो उसने बताया कि उसका एक यूट्यूब चैनल है। उसी पर पोस्ट कर रहा है। लेकिन उसके साथ में कई लोग, जोकि वह विडियो ही बना रहे थे।
कुछ उपद्रवी शामिल हुए प्रदर्शन में
सेक्टर 82 हॉजरी कॉपलेक्स स्थित कंपनी के सामने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच में कुछ लड़के मुंह पर मास्क लगाकर अचानक घुस रहे थे। इसके बाद वह नारे लगाना शुरू कर देते थे कि मेरी मांगे पूरी करो। वही लोग बोलते सुनाई दिए कि ये लोग ऐसे नहीं मानेंगे। गाडियों रोको, तोड़फोड़ करो। इसके बाद रोड जामकर जबदस्ती लोगों को वापस भेज रहे थे। कुछ देर में ये लोग वहां से गायब हो जाते थे। हंसते हुए आये ये युवक फिर दूसरे जगह चल रहे प्रदर्शन में शामिल जो जा रहे थे। इन स्थानों पर पुलिस कम तैनात थी, इसलिए उन लोगों को पहचान नहीं पा रही थी।
शराब और अन्य नशे में दिखे प्रदर्शनकारी
इस प्रदर्शन में कुछ लोग ऐसे भी थे, जिनकी उम्र 35 से 40 के बीच दिखाई दी। वो लोग शराब के नशे में थे। बात करने पर मुंह से बदबू आ रही थी। ये लोग पुलिस, सरकार और प्रशासलन के मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। उन्हीं का सुनकर नवयुवक नारे लगाना शुरू कर देते थे। प्रदर्शकारी साथ में लंच बॉक्स भी लाते थे। वहीं कुछ संख्या में 40 से 50 साल की महिलाएं भी दिखाई दी।