नोएडा में सैलरी की चिंगारी बनी आग, 60 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी, 300 से अधिक कंपनियों के सामने प्रदर्शन
Mediawali news, Noida
नोएडा में वेतन बढ़ाने और एकमुश्त सैलरी नहीं देने के विरोध में कर्मचारियों का करीब एक सप्ताह से चल रहा प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर 300 से अधिक कंपनियों के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान 20 से अधिक गाड़ियों में आग लगा दी गई और 40 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। सेक्टर-63 में मारुति के सर्विस सेंटर की गाड़ियों में आग लगा दी। साथ ही 200 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। हालात इतने बिगड़ने के बाद पुलिस कमिश्नर, तीनों जोन के डीसीपी, डीएम और एसडीएम को खुद मैदान में उतरना पड़ा। दिन भर नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा रहा और तोड़फोड़ चलती रही। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसु गैस के गोले छोड़े। दोपहर तीन बजे के बाद कर्मचारी खुद से प्रदर्शन स्थल से हटने लगे थे। पथराव के कारण 30 से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान घायल हो गए। वहीं प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। कंपनियों के कर्मचारी और गार्ड भी झड़पों में घायल हुए। करीब 100 लोगों को पुलिस ने विभिन्न थाना एरिया से हिरासत में लिया है।
सोमवार सुबह सात बजे से नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, 62,63, 67, 68 के आसपास औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी इकट्ठा हो गए। वेतन बढ़ाने, ओवरटाइम का भुगतान और एकमुश्त वेतन लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कर्मचारियों ने सड़कों पर कब्जा कर लिया। रास्तों के बीच में रस्सी, पत्थर और बोर्ड लगाकर सड़कों को पूरी तरह जाम कर दिया गया। वहीं सेक्टर 82 रिचा ग्लोबल गारमेंट्स के कर्मचारी होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक में प्रदर्शन कर रहे थे। साथ ही कंपनी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद सड़क पर जा रही कारों को रोककर वापस जाने के लिए बोलने लगे। किसी ने विरोध किया तो उन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।
इसके बाद सेक्टर 82 में सड़क पर सात कारों में आग लगाई गई और चार बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं सेक्टर 63 जे 13 ब्लॉग स्थित मारुति सुजुकी सर्विस सेंटर में प्रदर्शन कर कर्मचारीयों ने पांच कार और चार बाइकों आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शकारी सर्विस सेंटर के पार्किंग में खड़ी करिब 25 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। बाहर गार्डों के लिए बना टेंट भी जला दिया। साथ ही प्रदर्शन कारियों ने इस कंपनी के कांच पर पतराव किया गया है। गार्डों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट भी की गई है। जानकारी के अनुसार प्रदर्शन में कुल 30 पुलिसकर्मी और कंपनी कर्मचारी घायल हुए हैं।
पुलिस कमिश्नर, डीएम और डीसीपी पहुंचे
जिस जगह पर स्थित बिगड़ने लगी वहां पर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम और नोएडा जोन के साद मियां खान, सेंट्रल नोएडा की डीसीपी शैव्या गोयल सेक्टर 63 और फेज टू में पहुंच रही थी। साथ ही पुलिस ने बयान जारी कर बोला कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक इकाई क्षेत्रों में पुलिस व्यस्थापन सुनिश्चित किया गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारीगण पुलिस बल के सभी स्थानों पर उपस्थित है। स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारी श्रमिकों को शांति एवं संयम बनाए रखने हेतु लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है।
कर्मचारियों को संभालने में पुलिस को करने पड़ी कड़ी मशक्त
सेक्टर 82 में करीब 100 से अधिक कंपनियां हैं। वहीं 200 से अधिक सेक्टर 60, 62,63, 67 कंपनियां हैं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कोई नेतृत्व करता नहीं दिखाई दिया। ये कर्मचारी अपना-अपना गुट बनाकर अपनी कंपनी के गेट के सामने खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे थे। साथ ही अपनी कंपनी के सामने वाली सड़क पर रस्सी, पत्थर रखकर रोड को जाम कर दिया। सेक्टर 82 के सभी रास्तों का रूट डायवर्ट कर दिया गया था। अलग-अलग गुटों में बंटे कर्मचारियों की वजह से पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि हर जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं पुलिस एक गुट के पास जा रही थी, तभी दूसरा गुट उग्र हो जा रहा था। इसलिए पुलिस भी स्थिति को संभालने में विफल दिखाई दी।
पुलिस की रद्द हुई छुट्टियां, हाई अलर्ट
नोएडा में चार दिन से चल रहे प्रदर्शन की वजह से कमिश्नरेट पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नोएडा के एक थाने में दो ट्यूटर हैंडिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।