गैस तो गैस, कोयला भी 300 फीसदी अधिक महंगा
आम लोगों से लेकर फुटकर व्यापारी तक परेशान, अब करे तो करे क्या कालाबाजारी का खेल जारी
Mediawali news, delhi
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल रसोई पर संकट डाला, बल्कि इसने गरीब, मजदूर और फुटकर व्यापारियों की कमर तोड़ दी। राजधानी दिल्ली में जहां एक ओर रसोई गैस महंगी मिल रही है। वहीं, दूसरी ओर कोयले की कीमत में भी भारी इजाफा हुआ है। आम लोगों से लेकर ढाबा मालिक और फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी लगाने वाले सामान्य कीमतों के मुकाबले 300 फीसदी अधिक महंगा कोयला खरीद रहे हैं।
शकरपुर स्थित शाकाहारी ढाबा चलाने वाले मदन कुमार का कहना है कि तनाव के बाद से बाजारों में कालाबाजारी अधिक हो रही है, जिसका असर छोटे-छोटे व्यापारियों पर अधिक हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले बाजारों में कोयला 30 रुपये से लेकर 40 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब यही कोयला 80 रुपये से लेकर 90 रुपये किलो मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबोली गांव स्थित कोयला कारोबारी शिव लाला ने बताया कि कोयला अभी 22 रुपये प्रतिकिलो ही बिक रहे हैं। कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए इसे अधिक कीमतों पर बेच रहे हैं।
दुकानों पर कम हो रहे ग्राहक
- कड़कड़डूमा रोड स्थित फुटपाथ पर कपड़ा प्रेस करने वाले रोहन ने बताया कि 27 रुपये में मिलने वाला यह कोयला अब 70 रुपये से लेकर 80 रुपये प्रति किलो खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में उसे सामान्य कीमतों के मुकाबले 300 फीसदी से अधिक महंगा कोयला खरीदना पड़ता है, जिसके वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।
- शाहदरा स्थित मंडोली रोड पर रेहड़ी-पटरी पर जंक फूड बेचने वाले अमित केसरी ने बताया कि अब उनके दुकानों पर ग्राहक कम आ रहे हैं। पहले उनकी दुकान पर लोगों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन जब से एलपीजी संकट और दिल्ली से मजदूरों ने गांव शुरू कर दिया है, तब से ही दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो गई है।
30 रुपये में मिलने वाला कोयला अब 70-80 रुपये में मिल रहा है। ग्राहकों की भीड़ भी कम हो गई है। गैस तो गैस कोयले वाले भी अधिक रुपये वसूल रहे हैं। ऐसे में तो हम लोगों का जीना ही मुश्किल हो जाएगा। — अनिल यादव, लिट्टी विक्रेता।