बाजार की गिरावट में घबराएं नहीं, समझदारी से निवेश बनाए रखें-नितिन कामत की सलाह
Mediawali news, noida
हाल ही में शेयर बाजार में आई गिरावट से कई निवेशक परेशान हो गए हैं, खासकर वे लोग जिन्होंने कोविड के बाद निवेश शुरू किया था और पहले कभी ऐसी बड़ी गिरावट नहीं देखी थी। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और इससे घबराने की बजाय समझदारी से काम लेना जरूरी है।
नितिन कामत, जो Zerodha के को-फाउंडर हैं, ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपने पैसे को अलग-अलग जगहों पर लगाएं। इसे डायवर्सिफाइड निवेश कहा जाता है। इसका मतलब है कि सिर्फ एक ही तरह के शेयर या एसेट में पैसा लगाने के बजाय, अलग-अलग सेक्टर, स्टॉक्स, गोल्ड, बॉन्ड्स आदि में निवेश करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त का पोर्टफोलियो हमेशा बाजार के बड़े सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन करता रहा है, क्योंकि उसने अपने निवेश को सही तरीके से बांट रखा है। हालांकि ऐसा पोर्टफोलियो बनाना आसान नहीं होता, इसमें समय, समझ और लगातार ध्यान देने की जरूरत होती है।
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय तनाव भी है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। इसके अलावा नई टेक्नोलॉजी और एआई टूल्स के आने से आईटी सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट आई है।
इस दौरान सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि गोल्ड और बॉन्ड्स जैसे सुरक्षित माने जाने वाले निवेश विकल्प भी प्रभावित हुए हैं। बॉन्ड की कीमतें गिरने से उनकी यील्ड बढ़ गई है, जो बाजार में अस्थिरता का संकेत है।
कामत का कहना है कि निवेशकों को ऐसे समय में घबराकर अपने शेयर बेचने या SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) बंद करने से बचना चाहिए। बाजार में लंबी अवधि तक टिके रहना ही सफलता की कुंजी है।
कुल मिलाकर, बाजार की गिरावट एक मौका भी हो सकती है, अगर निवेशक धैर्य रखें, सही रणनीति अपनाएं और अपने निवेश को संतुलित बनाए रखें।