बिल्हौर में बिना मुआवजा सड़क निर्माण पर बवाल, सपा नेत्री ने प्रशासन को घेरा
Mediawali news, कानपुर नगर
बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गदनपुर अहार में राजेपुर–गदनपुर संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर विवाद गहरा गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) पर किसानों की बेशकीमती जमीनों पर बिना मुआवजा दिए कब्जा कर सड़क निर्माण कराने का आरोप लगा है। इसको लेकर सपा की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती रचना सिंह गौतम ने जिलाधिकारी कानपुर को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिल्हौर को सौंपते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
सपा नेत्री ने कहा कि PWD और तहसील प्रशासन द्वारा पांच गांवों को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों के विपरीत किसानों की निजी भूमि पर बिना विधिक प्रक्रिया के कब्जा किया जा रहा है, जो ‘भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ का खुला उल्लंघन है। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने पूछा कि अधिनियम की धारा 4 व 11 के तहत परियोजना की अधिसूचना और सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) की स्थिति क्या है तथा इसका प्रकाशन किन समाचार पत्रों में किया गया। इसके अलावा प्रभावित किसानों को व्यक्तिगत नोटिस कब दिए गए और उनकी पावती सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसानों को धारा 15 के तहत आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था या नहीं। यदि नहीं, तो किस नियम के तहत सीधे निर्माण कार्य शुरू किया गया। मुआवजे के निर्धारण पर भी सवाल उठाते हुए पूछा गया कि क्या धारा 26 से 30 के अनुसार अवार्ड घोषित कर किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया गया है।
रचना सिंह गौतम ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई मात्र 15 फीट दर्ज है, जबकि मौके पर 36 फीट चौड़ी सड़क और नाले का निर्माण किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से नियमों के विरुद्ध है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पैमाइश कर रहे राजस्व कर्मियों के पास कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर अवैध निर्माण कार्य नहीं रोका गया और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वह प्रभावित किसानों के साथ तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगी।
इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे, जिनमें लाल सिंह, मोनू, सुरेशचंद्र, मानसिंह, अरविंद, रामप्रकाश कटियार, ऋषभ, महेंद्र सिंह, विजय सिंह, धर्मेंद्र कटियार, संजय सिंह, रविंद्र यादव, सृजन सिंह, गयासीन, सरवन कुमार, अनुज, राहुल यादव, शशिकांत पाल, अंशुमान सिंह समेत अन्य शामिल रहे।