“दिल्ली में GRAP-IV लागू: गाड़ियों पर सख्त रोक”
दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए सरकार ने GRAP-IV (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का चौथा चरण) लागू कर दिया है। GRAP का यह सबसे सख्त स्तर माना जाता है, जिसे तब लागू किया जाता है जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “गंभीर” श्रेणी में पहुंच जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को तत्काल कम करना और लोगों के स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरे को टालना है।
GRAP-IV लागू होते ही राजधानी में वाहनों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाती है। हालांकि, एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।
इसके साथ ही, निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाया गया है। ईंट भट्टे, स्टोन क्रशर, हॉट मिक्स प्लांट और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। GRAP-IV के दौरान डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है, सिवाय आपात सेवाओं के।
शिक्षा के क्षेत्र में भी एहतियात बरती जा रही है। हालात को देखते हुए स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की सलाह दी गई है, ताकि बच्चों को प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचाया जा सके। बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घर के अंदर रहने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है। होटल, ऑफिस और मॉल्स को भी ऊर्जा की खपत कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि GRAP-IV एक अस्थायी लेकिन बेहद जरूरी कदम है। जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, ये पाबंदियां जारी रहेंगी। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ आम जनता के सहयोग से ही दिल्ली को प्रदूषण से राहत मिल सकती है।