IMF की AI रैंकिंग पर अश्विनी वैष्णव का तीखा पलटवार, बोले– भारत टॉप AI देशों के पहले समूह में

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रैंकिंग पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कड़ी आपत्ति जताई है। IMF की हालिया रिपोर्ट में भारत को AI तैयारी के मामले में दूसरे स्तर के देशों में रखने पर मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत किसी भी हाल में दूसरे समूह में नहीं, बल्कि AI के अग्रणी देशों के पहले समूह का हिस्सा है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने AI रेडीनेस को लेकर एक नया इंडेक्स जारी किया था। इस इंडेक्स में देशों को तीन श्रेणियों में बांटा गया—AI बदलाव लाने वाले देश, केवल बदलाव को देखने वाले देश और AI से लगभग अनजान देश। रिपोर्ट में अमेरिका, डेनमार्क और सिंगापुर को शीर्ष श्रेणी में रखा गया, जबकि भारत को सऊदी अरब जैसे उभरते बाजारों के साथ दूसरे स्तर में रखा गया।

IMF की रैंकिंग को किया खारिज

जब अश्विनी वैष्णव से पूछा गया कि क्या भारत को शीर्ष AI देशों में शामिल होने के लिए अमेरिका या चीन के साथ तालमेल बढ़ाने की जरूरत है, तो उन्होंने इस रैंकिंग को सिरे से नकार दिया। मंत्री ने कहा कि भारत को कम करके आंकना गलत है और देश AI की वैश्विक दौड़ में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

AI की पांच परतों पर एकसाथ काम

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत AI इकोसिस्टम की पांच प्रमुख परतों—एप्लीकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा—पर एक साथ काम कर रहा है। उनका कहना था कि अधिकांश देश केवल एक-दो स्तरों पर फोकस करते हैं, जबकि भारत ने AI को समग्र दृष्टिकोण से अपनाया है। यही वजह है कि भारत की AI रणनीति मजबूत और टिकाऊ है।

भारी मॉडल नहीं, व्यावहारिक AI पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का फोकस केवल बेहद बड़े और भारी AI मॉडल बनाने पर नहीं है। उन्होंने कहा कि असली फायदा उन मॉडलों से होता है, जो रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करें और व्यापार में उपयोगी साबित हों। भारत 20 से 50 अरब पैरामीटर्स वाले कुशल AI मॉडल विकसित कर रहा है, जिन्हें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन जैसे क्षेत्रों में पहले ही लागू किया जा रहा है।

स्टैनफोर्ड डेटा का दिया हवाला

IMF के मूल्यांकन तरीकों पर सवाल उठाते हुए वैष्णव ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के आंकड़ों का हवाला दिया। उनके अनुसार, AI पैठ के मामले में भारत दुनिया में तीसरे और AI टैलेंट के मामले में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि भारत किसी के पीछे चलने के बजाय AI के क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र और आत्मनिर्भर राह बना रहा है।

वैश्विक AI शक्ति बनने की तैयारी

अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि अगले महीने भारत में एक बड़ा AI समिट आयोजित किया जाएगा, जहां समावेशी, सुरक्षित और भरोसेमंद AI तकनीकों को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। मंत्री के बयान से साफ है कि भारत AI के वैश्विक मंच पर अमेरिका और चीन के बाद नहीं, बल्कि एक नई और मजबूत तकनीकी शक्ति के रूप में उभरने के लिए तैयार है।

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