राहुल गांधी का सरकार पर हमला: “भारत की विदेश नीति एक समझौता किए हुए व्यक्ति के शोषण का परिणाम”
Mediawali news
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने शुक्रवार को भारत की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब United States ने भारत को Russia से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट (waiver) देने की घोषणा की।
राहुल गांधी ने उठाए विदेश नीति पर सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की विदेश नीति देश की जनता की सामूहिक इच्छा से तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत के इतिहास, भूगोल और सत्य व अहिंसा जैसे मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में जो विदेश नीति दिखाई दे रही है, वह किसी मजबूत रणनीति का परिणाम नहीं बल्कि “एक समझौता किए हुए व्यक्ति के शोषण का नतीजा” है।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा
राहुल गांधी ने अपने 11 फरवरी के लोकसभा भाषण का वीडियो भी साझा किया। उस भाषण में उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर भारत को यह भी तय करने की आज़ादी न हो कि वह रूस या ईरान से तेल खरीदे या नहीं, तो यह देश की स्वतंत्र विदेश नीति पर सवाल खड़े करता है।
खड़गे का भी सरकार पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय संप्रभुता खतरे में है।
खड़गे ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अनुमति देना यह दिखाता है कि सरकार लगातार कूटनीतिक स्थान खो रही है। उनके मुताबिक ऐसी भाषा आमतौर पर प्रतिबंधित देशों के लिए इस्तेमाल की जाती है, भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के लिए नहीं।
अमेरिका ने दी 30 दिन की अस्थायी छूट
वहीं अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा कि यह केवल एक अल्पकालिक कदम है। इसका उद्देश्य समुद्र में फंसे रूसी तेल से जुड़े लेन-देन को पूरा करने की अनुमति देना है और इससे रूस को कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होगा।
कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद भारत की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।