नेशनल हेराल्ड मामला: अदालत ने सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया
नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित 2,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
अदालत ने क्यों खारिज की ED की शिकायत
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ईडी की शिकायत कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। अदालत ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की यह कार्रवाई किसी एफआईआर के आधार पर नहीं, बल्कि एक निजी शिकायत पर शुरू की गई थी, जिस पर कानून संज्ञान लेने की अनुमति नहीं देता।
डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत का हवाला
अदालत ने बताया कि यह मामला डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर निजी शिकायत पर आधारित है। ऐसे मामलों में ईडी सीधे मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर सकती। जज ने कहा,
“वर्तमान अभियोजन शिकायत ऐसे आधार पर दायर की गई है, जिस पर कानून संज्ञान लेने की अनुमति नहीं देता।”
कांग्रेस के लिए बड़ी कानूनी जीत
इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के पांच अन्य नेताओं को भी आरोपी बनाया गया था। अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे न्याय की जीत करार दिया और कहा कि यह मामला शुरू से ही राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
ED के पास क्या विकल्प
हालांकि, ईडी के पास इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देने का विकल्प अब भी मौजूद है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मनी लॉन्ड्रिंग कानून की प्रक्रिया और उसकी सीमाओं को स्पष्ट करता है।