ममता बनर्जी बोलीं—SIR खतरनाक, इसे रोकें
चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी में उठाए गंभीर सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने SIR को “खतरनाक”, “जबरन थोपी गई” और “बिना तैयारी की प्रक्रिया” बताया।
SIR प्रक्रिया पर ममता के मुख्य आरोप
1. ट्रेनिंग और गाइडलाइन की कमी
ममता ने EC पर आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त ट्रेनिंग और उचित दिशानिर्देश के SIR लागू कर दी गई है। BLO पर घर-घर सर्वे और ऑनलाइन फॉर्म भरने का दोहरा दबाव, कई BLO शिक्षक, फ्रंटलाइन वर्कर और नियमित कर्मचारी, जिन पर अत्यधिक काम का बोझ
2. तकनीकी खामियां
उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों में अस्पष्टता व सर्वर-संबंधी समस्याएं, बार-बार डेटा मिसमैच BLO के काम को प्रभावित कर रहे हैं।
3. किसानों पर प्रभाव
SIR ऐसे समय में चल रही है जब राज्य में: धान कटाई, रबी की बुआई जारी है। लाखों किसान खेतों में व्यस्त हैं, जिससे खेतों और ग्रामीण कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
4. कर्मचारियों पर दबाव और भय
ममता ने EC पर यह भी आरोप लगाया कि — मुख्यालय सिर्फ नोटिस जारी कर रहा, बैठकें नहीं हो रहीं BLO को अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी जा रही इससे कर्मचारी भयभीत हैं।
5. कर्मचारियों की मानसिक स्थिति पर असर
जलपाईगुड़ी में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की कथित आत्महत्या का मामला भी SIR के दबाव से जोड़ा जा रहा है। ममता ने चिंता जताई कि ऐसे और मामले सामने आए हैं।
BSF का दावा—रोज 150 अवैध बांग्लादेशी लौट रहे बॉर्डर पर बढ़ता दबाव
BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नॉर्थ 24 परगना, मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में बॉर्डर के बिना फेंसिंग वाले हिस्सों से लौटने वालों की संख्या में तेज़ उछाल देखा गया है।
पहले कम, अब रोज तीन अंकों में
- पहले ऐसे मामले डबल डिजिट में होते थे
- अब रोजाना तीन अंकों में अवैध बांग्लादेशी पकड़े जा रहे हैं
BSF के अनुसार स्थिति
- बड़ी संख्या में लोग छोटा सामान लेकर खुलेआम लौटने की कोशिश कर रहेI
- अधिकांश लोग मान रहे कि वे “सालों पहले गैर–कानूनी तरीके से भारत आए थे”
अवैध घुसपैठ का बढ़ा दबाव
BSF और राज्य पुलिस पर लॉजिस्टिक संकट
अवैध बांग्लादेशियों की अचानक बढ़ोतरी से:
- BSF
- राज्य पुलिस
दोनों के सामने बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
हर व्यक्ति का:
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
- पूछताछ
- क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक
करना पड़ता है, जिससे प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है।
लंबी हिरासत असंभव
BSF अधिकारियों के अनुसार कोई भी एजेंसी हजारों लोगों को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रख सकती।
समाधान का तरीका
- वेरिफिकेशन में
- यदि क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं मिलती, तो
- BGB (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) से समन्वय कर वापसी कराई जाती है
SIR का डर—वापसी की असली वजह दस्तावेज़ न होने से बढ़ा भय
BSF का कहना है कि अधिकांश लोग इसलिए लौट रहे हैं क्योंकि: उनके पास वैध ट्रैवल डॉक्यूमेंट नहीं हैंI वे SIR या पुलिस वेरिफिकेशन ड्राइव में पकड़े जाने से डर रहे हैं
देशभर में तेजी से चल रहा SIR
- 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अभियान
- लगभग 51 करोड़ वोटरों में से
50.35 करोड़ से अधिक लोगों को SIR के तहत फॉर्म मिल चुके हैं।