महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति की बड़ी जीत
NDA को 214 सीटें, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
मुंबई।
महाराष्ट्र में हुए नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (NDA) ने बड़ी जीत दर्ज की है। रविवार को आए नतीजों में 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से महायुति को 214 सीटों पर जीत मिली है। अभी कुछ जगहों पर मतगणना जारी है, लेकिन रुझानों से साफ है कि सत्ता पक्ष को जनता का मजबूत समर्थन मिला है।
भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें
गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। भाजपा ने 120 सीटों पर जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 57 सीटें मिली हैं, जबकि अजित पवार गुट की एनसीपी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है।
विपक्ष को बड़ा झटका
विपक्षी महाविकास अघाड़ी को इस चुनाव में करारा झटका लगा है। गठबंधन को कुल 51 सीटें ही मिल सकीं। कांग्रेस ने 31 सीटें जीतीं, जबकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और शरद पवार गुट की एनसीपी केवल 10-10 सीटों पर सिमट गईं। इसके अलावा 22 सीटें स्थानीय अघाड़ियों और अन्य उम्मीदवारों के खाते में गईं।
1 वोट से हारे भाजपा उम्मीदवार
गढ़चिरौली जिले के वार्ड नंबर-4 में बेहद रोचक मुकाबला देखने को मिला। यहां भाजपा उम्मीदवार संजय मंडवगड़े सिर्फ एक वोट से चुनाव हार गए। उन्हें 716 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी श्रीकांत देशमुख को 717 वोट हासिल हुए।
मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि यह जनता का महायुति पर भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 2017 के मुकाबले इस बार भाजपा के पार्षदों की संख्या 1602 से बढ़कर 3325 हो गई है। कुल 6952 पार्षदों में से 4331 महायुति के हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राउत ने चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में पैसे का जमकर इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी पार्टियों के बीच ही असली मुकाबला था।
बारामती में जय पाटिल की जीत
एनसीपी (अजित पवार) के नेता जय पाटिल ने बारामती नगर परिषद से लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। उनके विरोधी को महज 200 वोट ही मिले।