MEA ने ट्रंप के बयान को खारिज किया, मोदी‑ट्रंप के संबंधों को बताया मित्रवत
नई दिल्ली।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे व्यक्तिगत रूप से अमेरिकी एपाचे हमलावर हेलीकॉप्टर की डिलीवरी में देरी को लेकर चिंता जताई थी और उनसे मुलाकात की गुजारिश की थी। MEA ने साफ कहा कि यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं।
PM मोदी–ट्रंप संबंधों पर MEA की सफाई
MEA के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हमेशा मित्रवत संबंध और पारस्परिक सम्मान रहा है। दोनों नेताओं ने हर संवाद में राजनयिक शिष्टाचार का पालन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के शब्दों और घटनाक्रम का चित्रण वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
एपाचे हेलीकॉप्टर सौदे पर ट्रंप के आंकड़े गलत
MEA ने ट्रंप के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि भारत ने 68 एपाचे हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए थे और उनकी डिलीवरी में देरी हुई। मंत्रालय के मुताबिक, आधिकारिक रिकॉर्ड में भारत ने केवल 28 AH-64E एपाचे गार्डियन हेलीकॉप्टर खरीदे थे, जिनकी सभी डिलीवरी दिसंबर 2025 तक पूरी हो चुकी हैं।
इसके अलावा भारत ने 15 CH-47F चिनूक हेलीकॉप्टर भी खरीदे थे, जिनकी डिलीवरी 2019-2020 के बीच हो चुकी थी। इस तरह कुल मिलाकर 43 हेलीकॉप्टरों की खरीद हुई थी, न कि 68 की, जैसा कि ट्रंप ने दावा किया। MEA ने कहा कि ट्रंप के बयान में आंकड़ों और समयरेखा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।
ट्रेड-डील अटकने के दावे को भी नकारा
MEA ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मोदी की कॉल न करने के कारण भारत-अमेरिका ट्रेड-डील अटक गई। प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच आठ बार बातचीत हुई थी।
राजनयिक प्रक्रिया पर जोर
MEA ने दोहराया कि भारत और अमेरिका के बीच संवाद स्थापित कूटनीतिक प्रक्रियाओं और आपसी सम्मान के तहत होता है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी या भ्रामक बयानबाजी से बचना दोनों देशों के हित में है और भारत इस तरह के दावों को तथ्य के आधार पर खारिज करता रहेगा।