कर्नाटक सरकार ग्रुहा लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों की सूची करेगी अपडेट
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य की प्रमुख ग्रुहा लक्ष्मी योजना को लेकर एक अहम फैसला लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा है कि सरकार योजना के लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करेगी और जिन लाभार्थियों का निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता सही और पात्र लोगों तक पहुंचे और किसी तरह का दुरुपयोग न हो। ग्रुहा लक्ष्मी योजना कर्नाटक सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसके तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का लाभ लाखों महिलाओं को मिल रहा है और यह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रही है। लेकिन सरकार के सामने यह जानकारी आई है कि कुछ मामलों में ऐसे लाभार्थियों के नाम भी सूची में बने हुए हैं, जिनका अब निधन हो चुका है। इससे सरकारी धन का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
मंत्री ने बताया कि सरकार अब विभिन्न सरकारी रिकॉर्ड, जैसे आधार, राशन कार्ड और स्थानीय निकायों के मृत्यु पंजीकरण डेटा, के जरिए लाभार्थियों की जानकारी का मिलान करेगी। जिन नामों की पुष्टि मृत लाभार्थियों के रूप में होगी, उन्हें योजना से हटाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इस प्रक्रिया का मकसद किसी योग्य व्यक्ति को परेशान करना नहीं है, बल्कि योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। सरकार ने यह भी कहा है कि यदि किसी परिवार में लाभार्थी महिला के निधन के बाद कोई अन्य योग्य महिला सदस्य है, तो वह तय प्रक्रिया के तहत नए सिरे से आवेदन कर सकती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध रखा जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सहायता मिलने में कोई बाधा न आए।
इस फैसले का स्वागत करते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की नियमित जांच से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सरकारी संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, इससे उन परिवारों को भी फायदा मिलेगा जो वास्तव में इस योजना के पात्र हैं लेकिन अब तक किसी कारणवश लाभ नहीं ले पा रहे थे। कर्नाटक सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने परिवार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखें और किसी भी बदलाव की सूचना संबंधित विभाग को समय पर दें। सरकार का कहना है कि वह आगे भी कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए ऐसे कदम उठाती रहेगी, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को सही समय पर मदद मिल सके।