‘घायल हूं इसलिए घातक हूं’: राघव चड्ढा का पलटवार
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पद से हटाए जाने के बाद सामने आए
राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच चड्ढा ने फेसबुक लाइव आकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें एक जैसी भाषा और आरोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने इन आरोपों का जवाब देना जरूरी नहीं समझा, लेकिन बार-बार झूठ बोले जाने से सच्चाई को सामने लाना जरूरी हो गया।
पहला आरोप: वॉकआउट में शामिल न होने का दावा
राघव चड्ढा ने पहला आरोप खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह झूठ है कि वह विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि संसद की CCTV फुटेज निकालकर दिखा दी जाए कि कब उन्होंने विपक्ष का साथ नहीं दिया। उनका कहना था कि वह हमेशा विपक्ष के साथ खड़े रहे हैं और इस तरह के आरोप उनकी छवि खराब करने की कोशिश हैं।
दूसरा आरोप: याचिका पर साइन न करने का मुद्दा
दूसरे आरोप पर सफाई देते हुए चड्ढा ने कहा कि उनसे कभी भी चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने वाली याचिका पर साइन करने के लिए नहीं कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी इस याचिका पर साइन नहीं किए थे। ऐसे में सिर्फ उन्हें निशाना बनाना गलत है।
चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में याचिका के लिए 50 हस्ताक्षर ही जरूरी थे, जो आसानी से पूरे हो सकते थे।
तीसरा आरोप: मुद्दे न उठाने और डरने का आरोप
तीसरे आरोप पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह संसद में शोर-शराबा करने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जीएसटी, पानी की समस्या, दिल्ली की हवा, पंजाब के जल संकट, बेरोजगारी और महंगाई जैसे कई अहम मुद्दों को सदन में उठाया है। उनका दावा है कि उनका पूरा ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का सबूत है कि उन्होंने प्रभावी तरीके से जनता की आवाज उठाई है।
‘हर झूठ होगा बेनकाब’
अपने बयान के अंत में राघव चड्ढा ने साफ कहा कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, उनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं,” और यह भी जोड़ा कि वह हर सवाल का जवाब देंगे। यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में पार्टी के अंदर और बाहर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।