भारत-यूएई ने $3 बिलियन के LNG समझौते पर हस्ताक्षर किए
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने 3 अरब डॉलर के LNG (तरल प्राकृतिक गैस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत को यूएई से LNG की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा बल मिलेगा।
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा लाभ
इस LNG समझौते को भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूएई से स्थिर और भरोसेमंद गैस आपूर्ति मिलने से भारत को घरेलू मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे उद्योगों, बिजली उत्पादन और परिवहन क्षेत्रों में गैस आधारित परियोजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह करार भारत की ऊर्जा निर्भरता को संतुलित करने और आयात स्रोतों में विविधता लाने में सहायक होगा।
व्यापार और निवेश पर जोर
बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भारत और यूएई ने व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निवेशकों को सुविधाएं देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने तकनीक, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने का निर्णय लिया।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग मजबूत
ऊर्जा और व्यापार के अलावा, सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी बैठक का अहम हिस्सा रहा। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और समुद्री सुरक्षा में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा तकनीक और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक बातचीत हुई।
रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई
अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक और LNG समझौता भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ेगा और आर्थिक व सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र में, बल्कि समग्र रूप से भारत-यूएई संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है।