बीजेपी से नाराज पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह के गंभीर आरोप — कहा, ‘मुझ पर कार्रवाई कर सकती है पार्टी’
भाजपुर थर्मल प्लांट में 62 हजार करोड़ के नुकसान का दावा, अदाणी पावर ने आरोपों को बताया निराधार
पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और बीजेपी नेता आर.के. सिंह ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व और बिहार सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। सिंह ने दावा किया है कि बिहार के भागलपुर में पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट के आवंटन में राज्य को लगभग 62,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना गलत लागत पर दी गई और इसकी समीक्षा जरूरी है।
परियोजना की कीमत और घाटे का दावा
आर.के. सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में बताया कि जब वे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री थे, तब विशेषज्ञों के साथ उन्होंने इस परियोजना की लागत करीब ₹24,900 करोड़ आंकी थी, यानी प्रति मेगावाट लगभग ₹10 करोड़। लेकिन अब इसे ₹15 करोड़ प्रति मेगावाट की दर पर स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा, “इस आधार पर बिजली की कीमत ₹2.75 प्रति यूनिट होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने ₹4.16 प्रति यूनिट पर मंजूरी दी है। इससे हर साल ₹2,500 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा, जो 25 वर्षों में ₹62,000 करोड़ के नुकसान में तब्दील होगा।”
“बीजेपी मुझे हराना चाहती थी”
सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता था कि वे जीतें। उन्होंने कहा, “मेरे ही बूथ एजेंट मेरे खिलाफ काम कर रहे थे। मैंने शीर्ष नेताओं से अपील की थी कि भोजपुरी गायक पवन सिंह को करकट सीट से चुनाव लड़ने से रोकें, क्योंकि वह मेरा वोट बैंक बांट सकते हैं, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।”
अदाणी पावर का जवाब
आर.के. सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी पावर ने कहा कि ये दावे “पूरी तरह निराधार और भ्रामक” हैं। कंपनी ने बताया कि यह परियोजना 2012 से अटकी थी और 2024 में बिहार सरकार ने इसे एक खुले और पारदर्शी बोली प्रक्रिया के तहत आवंटित किया।
अदाणी पावर ने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन लीज़ पर दी गई है, बेची नहीं गई, और कंपनी ने सबसे न्यूनतम दर ₹6.075 प्रति यूनिट की बोली लगाई थी।
बीजेपी नेतृत्व से मतभेद और चेतावनी
सिंह ने स्वीकार किया कि उनके और शीर्ष बीजेपी नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे कई बार संकेत मिले कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही थी, लेकिन मैंने नियमों के अनुसार काम किया।”
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी चाहे तो उन्हें निलंबित या निष्कासित कर सकती है, “लेकिन मैं वही कहता हूं जो सही है।”
‘मैं हमेशा सच बोलता रहा हूं’
आर.के. सिंह ने कहा, “मैंने नौकरशाह रहते हुए भी कभी झूठ नहीं बोला। नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी मैं खुलकर अपनी राय रखता था। आज भी वही करता हूं।”