“अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने ऑनलाइन नफरत बढ़ने पर चिंता जताई”
X (पूर्व ट्विटर) पर भारत और भारतीयों के खिलाफ घृणा संदेशों को हटाने की मांग तेज
नई दिल्ली: अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और नस्ल-आधारित टिप्पणियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। खासतौर पर लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भारत और भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक और घृणास्पद पोस्ट बढ़ने का आरोप लगाया गया है। समुदाय ने ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घृणास्पद पोस्ट्स में तेजी का आरोप
भारतीय-अमेरिकी संगठनों का कहना है कि पिछले एक साल में भारत और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत भरे कमेंट्स में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। कुछ पोस्ट्स में हिंसा के संकेत भी दिए गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया, लेकिन तब तक वे व्यापक चिंता का कारण बन चुके थे।
अमेरिकी पत्रकार की पोस्ट से भड़का विवाद
यह मुद्दा उस समय और सुर्खियों में आया जब एक अमेरिकी पत्रकार द्वारा भारत और भारतीय धार्मिक स्थलों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। हालांकि यह पोस्ट बाद में डिलीट कर दी गई, लेकिन समुदाय का सवाल है कि ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर इतने समय तक कैसे बनी रही और प्लेटफॉर्म ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की।
विवेक रामास्वामी के बच्चों को बनाया गया निशाना
इसके अलावा, अमेरिका की राजनीति से जुड़े भारतीय मूल के नेता विवेक रामास्वामी के बच्चों पर भी सोशल मीडिया पर नस्ल-आधारित टिप्पणियां और व्यक्तिगत हमले किए गए। कुछ कमेंट्स में उनके बच्चों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसे समुदाय ने बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया।
सोशल मीडिया कंपनियों से जवाबदेही की मांग
भारतीय-अमेरिकी समुदाय का कहना है कि इस तरह की घटनाएं “एक साल पहले तक अकल्पनीय” थीं, लेकिन अब तेजी से बढ़ रही हैं। समुदाय ने सोशल मीडिया कंपनियों से स्पष्ट नियम, सख्त नीतियां और त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि नस्ल-आधारित नफरत और भेदभाव को रोका जा सके।
विशेषज्ञों की सलाह और जागरूकता पर जोर
विशेषज्ञों और समुदाय के नेताओं का मानना है कि ऑनलाइन नफरत से निपटने के लिए टेक कंपनियों को कड़े दिशानिर्देश अपनाने चाहिए। साथ ही आम यूजर्स से भी अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी से ऑनलाइन व्यवहार करें और आपत्तिजनक कंटेंट की रिपोर्ट करें, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म सभी के लिए सुरक्षित बन सके।