यूपी पंचायत चुनाव 2026: वोटर लिस्ट में देरी से समय पर चुनाव पर सवाल, 15 अप्रैल तक फाइनल सूची
Mediawali news
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने में हो रही देरी से समय पर चुनाव कराना चुनौती बनता दिख रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीख दूसरी बार बढ़ा दी है। अब फाइनल वोटर लिस्ट 15 अप्रैल तक जारी की जाएगी।
पहले यह तारीख 6 फरवरी तय की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर 28 मार्च किया गया। अब एक बार फिर संशोधन करते हुए 15 अप्रैल नई तिथि घोषित की गई है। आयोग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने बताया कि मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत करना, राज्य मतदाता नंबर जारी करना और मतदान केंद्रों की मैपिंग जैसे काम 27 मार्च तक पूरे होने थे। अब इन कार्यों की नई अंतिम तिथि 13 अप्रैल कर दी गई है। इसके बाद 15 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
आयोग के अनुसार, प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में अधिकारियों और बीएलओ की व्यस्तता भी देरी का कारण बनी है। कई बीएलओ पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां होने से काम समय पर पूरा नहीं हो सका।
इस बीच पंचायतों का कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। वहीं ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला परिषद अध्यक्षों का 11 जुलाई को समाप्त होगा। यदि समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो संबंधित संस्थाओं में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं। इसके बाद छह माह के भीतर चुनाव कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
एक और बड़ी अड़चन पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से जुड़ी है। पंचायत चुनाव के लिए डेडिकेटेड पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अभी तक नहीं हो पाया है। इस आयोग को आरक्षण लागू करने के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आयोग के गठन में देरी से चुनाव कार्यक्रम आगे खिसक सकता है।
कुल मिलाकर, वोटर लिस्ट के प्रकाशन में लगातार हो रही देरी और आरक्षण संबंधी प्रक्रिया अधूरी रहने से पंचायत चुनाव की समय-सीमा पर अनिश्चितता बनी हुई है। अब सबकी नजर 15 अप्रैल पर है, जब अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी और चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।