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शुक्रवार रात दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रात करीब 9:46 बजे आए इन झटकों से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर पंखे, झूमर और दरवाजों पर लटके सामान हिलते दिखाई दिए। पठानकोट के भुल्ला चौक बाजार से एक वीडियो सामने आया, जिसमें घर के ताले हिलते हुए नजर आए। फिलहाल भारत में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
हिंदूकुश बना भूकंप का केंद्र, अफगानिस्तान में मौतें
इस भूकंप का केंद्र हिंदूकुश पर्वत में था और इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। भूकंप का असर अफगानिस्तान में ज्यादा देखने को मिला, जहां एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत घर गिरने से हो गई। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि भूकंप का प्रभाव केंद्र के आसपास सबसे अधिक होता है।
भूकंप क्यों आता है? जानिए कारण
धरती की सतह कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी होती है, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं, तो भारी दबाव पैदा होता है। जब यह दबाव अचानक रिलीज होता है, तो ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं। यही वजह है कि पहाड़ी और प्लेट सीमाओं वाले क्षेत्रों में भूकंप अधिक आते हैं।
इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप
दुनिया का सबसे जानलेवा भूकंप 1556 में चीन में आया था, जिसमें करीब 8.30 लाख लोगों की मौत हुई थी। वहीं तीव्रता के हिसाब से सबसे शक्तिशाली भूकंप 22 मई 1960 को चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 थी। इस भूकंप के बाद आई सुनामी ने कई देशों—जैसे जापान, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया—में भारी तबाही मचाई थी।
सावधानी ही बचाव है
भूकंप प्राकृतिक आपदा है, जिसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन सतर्कता से नुकसान कम किया जा सकता है। झटके महसूस होते ही खुले स्थान पर जाना, इमारतों से दूर रहना और अफवाहों से बचना जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से शांति बनाए रखने और सतर्क रहने की अपील की गई है।