UP SI भर्ती परीक्षा में कई जगह गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज और गलत पहचान के मामले सामने आए
Mediawali news, UP
उत्तर प्रदेश में आयोजित एसआई (उप निरीक्षक) भर्ती परीक्षा के दौरान कई जिलों में गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। कहीं अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया तो कहीं गलत पहचान के आधार पर परीक्षा देने की कोशिश की गई। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने छह एफआईआर दर्ज की हैं और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 75 जिलों में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा चार पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ई-केवाईसी और दस्तावेजों की जांच के समय गड़बड़ियां सामने आईं। मेरठ के मेरठ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी ने आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में जन्मतिथि में बदलाव कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए थे। जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आ गया।
इसी तरह वाराणसी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज में ई-केवाईसी के दौरान पता चला कि एक अभ्यर्थी पहले किसी दूसरे नाम और पते से परीक्षा दे चुका है। बदायूं के सिगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज में भी आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा देने का प्रयास किया गया। अलीगढ़ के गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज और सहारनपुर के गोचर महाविद्यालय में भी आधार कार्ड में हेरफेर के मामले सामने आए। वहीं सहारनपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दो अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट बदलने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया गया।
दूसरी ओर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने मथुरा से अनुज कुमार नाम के आरोपी को पकड़ा है। जांच में सामने आया कि अनुज अभ्यर्थियों को गोकुल रावत नामक व्यक्ति से मिलवाता था, जो 22 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का सौदा करता था। पुलिस को आरोपी के पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
भर्ती बोर्ड के अनुसार इस परीक्षा में कुल 15 लाख 75 हजार 760 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। पहले दिन दो पालियों में 7 लाख 87 हजार 880 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 5 लाख 31 हजार 682 ही केंद्रों तक पहुंचे, जबकि 2 लाख 56 हजार 198 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इस दिन 7 लाख 87 हजार 879 में से 5 लाख 45 हजार 728 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 2 लाख 42 हजार 151 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
इस तरह दोनों दिनों को मिलाकर लगभग पांच लाख अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। वहीं परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार पेपर सेटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।