स्विगी-जोमैटो डिलीवरी बॉयज को भी मिलेगा बीमा
90 दिन काम जरूरी, सोशल सिक्योरिटी कोड के ड्राफ्ट रूल्स जारी
देशभर के लाखों गिग वर्कर्स, जिनमें स्विगी, जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर्स शामिल हैं, को जल्द ही हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और एक्सीडेंट कवर जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिल सकती हैं। केंद्र सरकार ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी रूल्स नोटिफाई कर दिए हैं।
फिलहाल इन नियमों पर स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा गया है। सुझावों के बाद इन्हें अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा। यह कदम हाल ही में देशभर में हुई गिग वर्कर्स की हड़ताल के बाद उठाया गया है।
रजिस्ट्रेशन जरूरी, आधार से बनेगा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर
ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, किसी भी फूड डिलीवरी या राइड-शेयरिंग ऐप के साथ काम करने वाले वर्कर्स को सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसमें संबंधित कंपनियां भी गिग वर्कर्स की मदद करेंगी।
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आधार कार्ड अनिवार्य होगा, उम्र कम से कम 16 साल
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डेटा शेयर होते ही एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट होगा
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वर्कर्स को डिजिटल आईडी कार्ड मिलेगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा
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मोबाइल नंबर, पता या स्किल बदलने पर जानकारी अपडेट करना जरूरी होगा
1 साल में 90 दिन काम करना अनिवार्य
सरकार ने इन सुविधाओं के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं—
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एक साल में कम से कम 90 दिन एक ही कंपनी के साथ काम जरूरी
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अगर वर्कर एक से ज्यादा ऐप्स पर काम करता है, तो कुल 120 दिन का काम होना चाहिए
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एक ही दिन में अलग-अलग कंपनियों के लिए डिलीवरी करने पर, हर डिलीवरी को अलग दिन माना जाएगा
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60 साल की उम्र पूरी होने पर पात्रता खत्म हो जाएगी
अलग सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा
ड्राफ्ट रूल्स के तहत सरकार कंपनियों से योगदान लेकर एक अलग सोशल सिक्योरिटी फंड बनाएगी। इससे गिग वर्कर्स को—
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लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस
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काम के दौरान हादसे पर पर्सनल एक्सीडेंट कवर
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भविष्य में पेंशन और नई वेलफेयर स्कीम्स
का लाभ मिलेगा।
नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स की भागीदारी
नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स के 5 सदस्य नामित किए जाएंगे। ये सदस्य रोटेशन के आधार पर रहेंगे और—
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गिग वर्कर्स की संख्या का आकलन करेंगे
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नई स्कीम्स पर सुझाव देंगे
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सरकार को फीडबैक उपलब्ध कराएंगे
हड़ताल के बाद कंपनियों ने भी किया इंसेंटिव का ऐलान
हाल ही में हुई देशव्यापी हड़ताल के बीच स्विगी और जोमैटो ने पीक ऑवर्स और न्यू ईयर डेज पर ज्यादा इंसेंटिव देने की घोषणा की थी।
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जोमैटो ने शाम 6 से रात 12 बजे तक हर ऑर्डर पर ₹120-150 देने का वादा किया
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स्विगी ने दावा किया कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को वर्कर्स ₹10,000 तक कमा सकते हैं
गिग वर्कर्स की हड़ताल की 5 बड़ी वजहें
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सोशल सिक्योरिटी और वेलफेयर फंड का अभाव
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कमाई और इंसेंटिव में लगातार कटौती
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10–12 मिनट डिलीवरी का दबाव और बढ़ता हादसे का खतरा
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बिना वजह आईडी ब्लॉक किए जाने की शिकायत
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कर्मचारी का कानूनी दर्जा न मिलना
फाइनल रूल्स का इंतजार
ड्राफ्ट रूल्स पर फीडबैक के बाद जैसे ही इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा, गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा का रास्ता साफ हो जाएगा। इसे देश में प्लेटफॉर्म इकोनॉमी से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।