सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, साइबर सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को किया गया जागरूक
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गौतम बुद्ध नगर। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशानुसार जनपद में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और सकारात्मक उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा जरूरी: एडीएम प्रशासन
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे ने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और आम नागरिकों को भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दें।
उन्होंने बच्चों में बढ़ते मोबाइल और इंटरनेट उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने पैरेंटल मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को अनावश्यक मोबाइल उपयोग से दूर रखना आज की आवश्यकता है।
अनजान लिंक, ओटीपी और फर्जी ऐप से रहें सतर्क
जनपद के साइबर क्राइम इंचार्ज बलजीत और साइबर थाने के इंस्पेक्टर अनुज कुमार सैनी ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप, फोन-पे, पेटीएम जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और निजी जानकारी साझा न करने तथा किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस का महत्व बताया गया
अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी डॉली सिंह ने सुरक्षित इंटरनेट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस हर साल फरवरी माह के दूसरे मंगलवार को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2004 में यूरोपीय संघ की पहल पर हुई थी।
उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य बच्चों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों को इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है। साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल शिष्टाचार अपनाकर ही एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाया जा सकता है।