सरकार के आदेश पर रोक! नए फोन में ‘संचार साथी’ ऐप लगाने से एपल ने किया इनकार

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भारत सरकार ने सभी नए स्मार्टफोन्स में ‘संचार साथी’ ऐप को अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। लेकिन अमेरिकी कंपनी एपल (Apple) ने इस आदेश को लागू करने से फिलहाल साफ मना कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह ऐप यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

एपल का तर्क: यूज़र डेटा खतरे में पड़ेगा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐप SIM कार्ड और फोन की गतिविधि को ट्रैक करने के लिए बनाया गया है।
एपल का कहना है कि:

  • मौजूदा रूप में ऐप इंस्टॉल नहीं किया जा सकता

  • यह iOS डिवाइसों से संवेदनशील डेटा लेने की मांग करता है

  • इससे यूज़र की प्राइवेसी पर असर पड़ेगा

कंपनी ने साफ कहा है कि सरकार से बात कर समाधान निकाला जाएगा, लेकिन ऐप को जबरन इंस्टॉल करने का फैसला स्वीकार नहीं है।

 सरकार का दावा: फ्रॉड रोकने का मजबूत हथियार

सरकार के अनुसार, संचार साथी ऐप:

  • चोरी हुए फोन ट्रैक करने

  • गलत उपयोग रोकने

  • फेक सिम पहचाने

  • साइबर फ्रॉड कम करने

में मदद करता है।

इस ऐप की मदद से अब तक 7 लाख से ज्यादा चोरी/गुम मोबाइल वापस मिल चुके हैं।
सरकार ने सभी कंपनियों—जैसे Apple, Samsung, Vivo, Oppo, Xiaomi—को 90 दिन में आदेश मानने को कहा है।

 ऐप को हटाया नहीं जा सकेगा
  • यूज़र इस ऐप को अनइंस्टॉल या डिसेबल नहीं कर पाएंगे

  • पुराने फोन्स में भी सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे जोड़ा जाएगा

यही बात एपल को सबसे ज्यादा चिंता में डाल रही है।

 एपल की प्राइवेसी पॉलिसी क्या कहती है?

एपल का कहना है कि प्राइवेसी उसका सबसे बड़ा वादा है। कंपनी:

  • केवल जरूरी डेटा लेती है (जैसे लोकेशन, हेल्थ, डिवाइस इंफो)

  • डेटा का इस्तेमाल जरूरी सर्विस और सुरक्षा के लिए करती है

  • यूज़र की अनुमति के बिना डेटा किसी तीसरे पक्ष को नहीं भेजती

  • डेटा को एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रखती है

कंपनी का दावा है कि सरकारी ऐप से IMEI और कॉल हिस्ट्री जैसे डेटा लीक होने का खतरा बढ़ सकता है।

 अदालत जाने की तैयारी में एपल

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार:

  • एपल सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती दे सकती है

  • DoT को भेजे पत्र में कंपनी ने इस आदेश को “अनुचित और प्राइवेसी के खिलाफ” बताया है

  • एपल इंडिया के हेड ने कर्मचारियों से कहा है—“किसी भी हाल में यूज़र डेटा शेयर न किया जाए।”

 पहले भी सरकार से डेटा को लेकर विवाद
  • 2018: आरबीआई ने पेमेंट डेटा भारत में रखने का नियम बनाया

  • एपल ने 3 साल विरोध किया

  • 2021: दबाव बढ़ने पर एपल ने भारतीय उपयोगकर्ताओं का iCloud डेटा भारत में स्टोर करना शुरू किया

  • इसके लिए टाटा ग्रुप के साथ साझेदारी भी की

 भारत में तेजी से बढ़ रहा एपल का कारोबार

IDC के अनुसार:

  • 2025 में भारत में 15 करोड़ iPhones बिक सकते हैं

  • एपल का मार्केट शेयर पहली बार 10% से ऊपर जा सकता है

  • कंपनी हर तिमाही भारत में रिकॉर्ड बिक्री कर रही है

 संचार साथी ऐप कैसे काम करता है?
  • 17 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया

  • साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया गया

  • फर्जी नंबर, फ्रॉड कॉल/चैट रिपोर्ट की जा सकती है

  • IMEI ट्रैकिंग से गुम फोन ब्लॉक किया जा सकता है

  • अब नए फोन्स में अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव

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