रील की लत से रिश्तों में दरार, पुलिस की काउंसलिंग से बच रहे परिवार
सोशल मीडिया बना पारिवारिक कलह की वजह
सोशल मीडिया का बढ़ता असर अब घरों के भीतर तक पहुंच चुका है। रील बनाने की लत, लाइक-कमेंट की चाह और ऑनलाइन मौजूदगी को लेकर पैदा हो रहे विवाद पति-पत्नी के रिश्तों में दरार डाल रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में बीते एक साल के दौरान ऐसे 533 पारिवारिक विवाद सामने आए, जहां छोटी-छोटी बातों ने रिश्तों को तलाक की कगार तक पहुंचा दिया।
95% मामलों में सुलह, सिर्फ 5% में FIR
हालांकि इन मामलों में पुलिस की एफडीआरसी (फैमिली डिस्प्यूट रेजॉल्यूशन क्लिनिक) टीम रिश्तों के लिए संजीवनी साबित हुई है। काउंसलिंग के जरिए पुलिस ने 387 घरों को टूटने से बचाया, जबकि केवल 24 मामलों (लगभग 5%) में ही मजबूरी में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। कुल मामलों में से करीब 95 प्रतिशत विवाद पुलिस ने सुलझा लिए।
एक्सपर्ट काउंसलर्स निभा रहे अहम भूमिका
डीसीपी महिला सुरक्षा मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-108 स्थित कार्यालय में एक्सपर्ट काउंसलर्स की मदद से पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित कराया जाता है। इस वर्ष सामने आए 533 मामलों में से 411 मामलों का समाधान कर लिया गया है। काउंसलिंग के बाद 387 जोड़े दोबारा साथ रहने को राजी हो गए, जबकि 122 मामलों में अभी बातचीत जारी है। पुलिस का फोकस सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि रिश्तों को जोड़ना है।
काउंसलिंग से बदलीं तीन जिंदगियां
रील को लेकर विवाद, 4 सेशन में सुलह
नोएडा की एक महिला को सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का शौक था, जिसे लेकर पति से विवाद बढ़ गया। मामला ससुराल छोड़ने तक पहुंच गया। एफडीआरसी टीम ने चार दौर की काउंसलिंग कराई। नतीजा यह रहा कि 10 महीने से मायके में रह रही महिला अब पति और दो बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रही है।
विचारों का टकराव, 6 सेशन में खत्म हुई कड़वाहट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक नवविवाहित जोड़े के बीच विचारों के मतभेद से रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया था। महिला उस समय पांच महीने की गर्भवती थी। पुलिस की टीम ने छह बार काउंसलिंग कर दोनों को एक-दूसरे को समझने का मौका दिया, जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया।
खर्चे को लेकर तकरार, 5 सेशन में बनी बात
नॉलेज पार्क क्षेत्र की एक महिला ने पति पर खर्चा न देने का आरोप लगाया और अलग होने की ठान ली। पुलिस में शिकायत के बाद दोनों को आमने-सामने बैठाकर पांच दौर की काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद पति को जिम्मेदारी का अहसास हुआ और पत्नी की नाराजगी दूर हुई।
रिश्ते बचाने पर पुलिस का जोर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदलती जीवनशैली और सोशल मीडिया की बढ़ती दखलअंदाजी के बीच काउंसलिंग ही रिश्तों को बचाने का सबसे प्रभावी जरिया बन रही है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस की यह पहल सैकड़ों परिवारों के लिए नई शुरुआत साबित हो रही है।