नोएडा फैक्ट्री अग्निकांड: बेसमेंट से मिला कर्मी का शव, जर्जर इमारत गिराने की सिफारिश
Mediawali news, noida
नोएडा सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग के बाद दर्द और डर की तस्वीरें अब भी सामने आ रही हैं। राहत और बचाव अभियान के कई दिन बाद बेसमेंट से लापता कर्मी उपेंद्र का शव बरामद हुआ है। वहीं आग और लाखों लीटर पानी भरने से फैक्ट्री की बिल्डिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसे लेकर फायर विभाग ने इमारत गिराकर दोबारा निर्माण कराने की सिफारिश की है। आगजनी के दौरान कंपनी में 200 कर्मचारी काम कर रहे थे। जिसमें 38 घायल हो गए थे।
सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि भीषण अग्निकांड के बाद लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सोमवार सुबह फायर ब्रिगेड की टीम ने बेसमेंट के अंदर से उपेंद्र का जला हुआ शव बाहर निकाला। शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और पहचान के बाद उसे अपने साथ लेकर कन्नौज के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि उपेंद्र फैक्ट्री के स्टोर सेक्शन में काम करता था और हादसे के दिन ड्यूटी पर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। इस हादसे में फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे हैं। आग इतनी भयानक थी कि धुएं और लपटों से बचने के लिए 40 कर्मचारियों को ऊपरी मंजिलों से कूदकर जान बचानी पड़ी। चौथी मंजिल से कूदने वाले 38 कर्मचारी घायल हो गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब डॉक्टरों ने सभी घायलों को छुट्टी दे दी है और उन्हें समय-समय पर फॉलो-अप जांच के लिए अस्पताल आने की सलाह दी गई है।
अधिकारी का कहना है कि आग बुझाने के दौरान भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया गया, जिससे बेसमेंट और निचले हिस्सों में पानी भर गया। इसके चलते बिल्डिंग की संरचना कमजोर हो गई है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर पूरी इमारत को गिराकर नए सिरे से निर्माण कराने की सिफारिश की गई है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग भी अब फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की जांच की तैयारी में हैं। इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। वहीं इलाके में अब भी घटना को लेकर दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।