मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: बिष्णुपुर में दोहरे धमाके, दो लोग घायल; सुरक्षा चूक पर उठे सवाल
सुबह-सुबह हुए धमाकों से फैली दहशत
मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा सामने आई है। बिष्णुपुर जिले में सोमवार सुबह हुए दो लगातार धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई। इन धमाकों में दो स्थानीय लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए।
खाली मकान में लगाया गया था विस्फोटक
पुलिस के अनुसार पहला धमाका सुबह करीब 5:45 बजे फौगाकचाओ थाना क्षेत्र के नगौकॉन इलाके में हुआ। यह धमाका एक ऐसे मकान में हुआ, जो मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद से खाली पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस मकान में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था। मकान का परिवार फिलहाल राहत शिविर में रह रहा है।
लोगों की भीड़ के बीच हुआ दूसरा धमाका
पहले धमाके की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान करीब 8:45 बजे, पहले स्थान से लगभग 200 मीटर दूर दूसरा धमाका हुआ। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
दोनों घायलों की हालत स्थिर
इन धमाकों में सनातोम्बा सिंह और इंदुबाला देवी घायल हुए हैं। दोनों के दाहिने पैर में छर्रे लगे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों धमाका स्थलों को सील कर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भड़के स्थानीय लोग
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों से तीखी बहस की और सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि जब इलाके में पहले से सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, तो फिर धमाके कैसे हो गए। गुस्साए लोगों ने पास में बने एक अस्थायी सुरक्षा बंकर को भी तोड़ दिया।
राजनीतिक दलों और संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी समेत कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने धमाकों की निंदा की है। भाजपा ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। स्थानीय विधायक प्रेमचंद्र सिंह ने कहा कि मणिपुर के लोग शांति चाहते हैं और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
24 घंटे के बंद का ऐलान
इंडिजिनस पीपल ऑर्गनाइजेशन और ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन समेत कई संगठनों ने इस घटना के विरोध में बुधवार रात 12 बजे से 24 घंटे के राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है।
जवाबदेही तय करने की मांग
मैतेई नागरिक संगठन COCOMI ने इस घटना को आम नागरिकों पर आतंकवादी हमला बताया है। संगठन ने पारदर्शी और समयबद्ध जांच, दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।