खेती में तकनीक की एंट्री: ट्रैक्टर–हार्वेस्टर से बदल रही किसानों की तस्वीर

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नोएडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेती अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रही है। समय के साथ किसानों की सोच और काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। आज का किसान मेहनत के साथ-साथ आधुनिक तकनीक पर भी भरोसा कर रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण खेती में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसी आधुनिक मशीनों का लगातार बढ़ता इस्तेमाल है, जो खेती को अधिक आसान, तेज और लाभकारी बना रहा है।

खेती में मशीनों की बढ़ती भागीदारी

बीते कुछ वर्षों में कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि किसान अब खेती को केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक आधुनिक व्यवसाय के रूप में देख रहे हैं। परिवहन विभाग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कृषि कार्यों के लिए कुल 1981 ट्रैक्टर और 21 हार्वेस्टर पंजीकृत हैं। इनमें से 600 से अधिक ट्रैक्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस और महंगे मॉडल हैं, जो आधुनिक खेती की दिशा में बड़ा बदलाव दर्शाते हैं।

पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा बदलाव

यदि पिछले वर्षों की बात करें तो यह बदलाव और भी स्पष्ट नजर आता है। वर्ष 2021 में जहां केवल 1056 ट्रैक्टर रजिस्टर थे और एक भी हार्वेस्टर दर्ज नहीं था, वहीं 2025 तक ट्रैक्टरों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है और हार्वेस्टर की संख्या बढ़कर 21 तक पहुंच गई है। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि किसान अब तेजी से आधुनिक कृषि उपकरणों को अपना रहे हैं।

सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे सरकार की अहम भूमिका रही है। कृषि यंत्रों पर टैक्स में छूट, सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं ने किसानों को मशीनें खरीदने के लिए प्रेरित किया है। इसके साथ ही खेती से जुड़े उपकरणों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे किसान बिना किसी जटिलता के अपने ट्रैक्टर और हार्वेस्टर को रजिस्टर करा पा रहे हैं।

समय और लागत की हो रही बचत

किसानों का कहना है कि आधुनिक ट्रैक्टर और हार्वेस्टर से खेती का काम न केवल आसान हुआ है, बल्कि समय और लागत दोनों की बचत भी हो रही है। पहले जहां जुताई और कटाई जैसे कामों में कई-कई दिन लग जाते थे, अब वही कार्य कुछ ही घंटों में पूरे हो जाते हैं। इससे किसानों को दूसरी फसलों पर ध्यान देने का मौका मिल रहा है और उनकी उत्पादकता में भी इजाफा हुआ है।

युवा किसानों की बढ़ती रुचि

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में खेती पूरी तरह तकनीक आधारित होती जाएगी। खासतौर पर युवा किसान अब खेती को एक प्रोफेशनल बिजनेस के रूप में देख रहे हैं और आधुनिक मशीनों में निवेश कर रहे हैं। इससे न केवल खेती का स्तर ऊंचा उठेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बढ़ते आंकड़े क्या कहते हैं

खेती में मशीनों के बढ़ते उपयोग को आंकड़ों से भी समझा जा सकता है—

  • 2021: ट्रैक्टर 1056, हार्वेस्टर 0

  • 2022: ट्रैक्टर 1272, हार्वेस्टर 5

  • 2023: ट्रैक्टर 1310, हार्वेस्टर 8

  • 2024: ट्रैक्टर 1759, हार्वेस्टर 17

  • 2025: ट्रैक्टर 1981, हार्वेस्टर 21

ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में खेती तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। तकनीक के इस बढ़ते इस्तेमाल से आने वाले वर्षों में खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनने की उम्मीद की जा रही है।

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Lekha
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