जम्मू में बड़े पैमाने पर आतंकी विरोधी अभियान, दर्जनों जगहों पर छापेमारी जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार (9 नवंबर 2025) को आतंकवाद के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई जम्मू के कई जिलों रामबन, कठुआ और राजौरी में की जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह अभियान पाकिस्तान से संचालित सक्रिय आतंकियों और उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दर्जनों स्थानों पर तलाशी और घेराबंदी अभियान (Cordon and Search Operation) शुरू किया है। जिन घरों की तलाशी ली जा रही है, वे उन लोगों के हैं जो पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के रिश्तेदार या सहयोगी माने जा रहे हैं।
एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई रामबन जिले के बानिहाल और गूल इलाकों में विशेष रूप से की गई है। पूरे अभियान की निगरानी रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अरुण गुप्ता स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच, आतंकियों के संभावित ठिकानों का पता लगाना, और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को मजबूत करना है। शनिवार को भी डोडा जिले में इसी तरह का आतंकी विरोधी अभियान चलाया गया था, जिसमें कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, आतंकवादी पहाड़ी इलाकों से नीचे के क्षेत्रों में सर्दियों के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशने की कोशिश में हैं, जिसके चलते यह कार्रवाई और तेज कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान कई घरों की गहराई से जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं से भी आतंकी गतिविधियों को समर्थन या आश्रय न मिल रहा हो। अभी तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान राज्य में शांति बनाए रखने और आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा बलों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।