जेवर एयरपोर्ट को मिला नया ‘सारस’ लोगो, विकास और संस्कृति का अनोखा मेल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का उद्घाटन किया। इस मौके पर एयरपोर्ट की नई ब्रांड पहचान भी सामने आई, जिसमें ‘सारस’ पक्षी से प्रेरित एक खास प्रतीक चिह्न (लोगो) अपनाया गया है। यह नया लोगो उत्तर प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक विकास को एक साथ दिखाने की कोशिश करता है।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस लोगो में सारस को शामिल किया गया है, जो उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है। सारस को इस प्रतीक में जोड़ने का मकसद यह है कि हवाई अड्डे को एक अलग और खास पहचान दी जा सके, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित करे। यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से जुड़ाव को भी दर्शाता है।
इस पहल को योगी आदित्यनाथ के विजन से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का मानना है कि विकास के साथ-साथ संस्कृति और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यही सोच इस नए लोगो में भी साफ नजर आती है।
लोगो को बहुत ही साधारण लेकिन आकर्षक तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें पतली और एकीकृत रेखाओं का इस्तेमाल किया गया है, जो तेज़ी, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को दर्शाती हैं। इसके साथ ही इसमें नीले और हरे रंग का उपयोग किया गया है, जो तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का प्रतीक है।
प्रतीक चिह्न में उड़ता हुआ सारस खास मायने रखता है। यह प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश को दिखाता है। साथ ही, यह इस बात का संकेत भी है कि राज्य खुद को एक बड़े वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करना चाहता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह नया लोगो न सिर्फ एयरपोर्ट की ब्रांडिंग को मजबूत करेगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान भी दिलाएगा। अब यह हवाई अड्डा सिर्फ यात्रा का साधन नहीं रहेगा, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास का प्रतीक बनकर उभरेगा।