गौतमबुद्ध नगर में आवारा कुत्तों का खतरा बढ़ा, लापरवाही और अधूरा इलाज बना जानलेवा
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गौतमबुद्ध नगर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरी इलाकों में भी लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 में एक महिला की मौत ने इस समस्या को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस घटना में सिर्फ कुत्ते का हमला ही नहीं, बल्कि इलाज में कमी और जागरूकता की कमी भी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, 6 मार्च को महिला सुबह पार्क में टहलने गई थीं। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और पैरों पर कई जगह काट लिया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। लेकिन इसके बाद उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई। उन्हें लगातार बुखार और कमजोरी महसूस होती रही।
डॉक्टरों के अनुसार, डॉग बाइट के मामलों में समय पर पूरा टीकाकरण बहुत जरूरी होता है। इस केस में महिला के दो जरूरी इंजेक्शन समय पर नहीं लग पाए, जो उनकी हालत बिगड़ने का एक बड़ा कारण हो सकता है। 16 मार्च की रात उनकी तबीयत अचानक खराब हुई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में हर साल करीब 1.7 करोड़ डॉग बाइट के मामले सामने आते हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। कई बार लोग समय पर वैक्सीन का पूरा कोर्स नहीं ले पाते, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं, डॉक्टर यह भी सलाह दे रहे हैं कि कुत्ते के काटने पर तुरंत इलाज शुरू करें और सभी जरूरी इंजेक्शन समय पर लें।
यह घटना एक चेतावनी है कि सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी जागरूक रहना होगा, तभी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।