एकमुश्त समाधान योजना से अपेक्षित वसूली नहीं, निगम को 141 करोड़ का नुकसान

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कम राजस्व वसूली से बढ़ी निगम की चिंता


बिजली बकाया वसूली के लिए दिसंबर 2025 में शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) से विद्युत निगम को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। योजना के तहत निगम को बकायेदार उपभोक्ताओं से केवल 50 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई, जबकि अब भी 141 करोड़ रुपये बकाया रह गए हैं।

48 हजार उपभोक्ताओं पर था 191 करोड़ का बकाया


निगम के आंकड़ों के अनुसार लगभग 48 हजार उपभोक्ताओं पर कुल 191 करोड़ रुपये का बकाया था, जिसे ओटीएस योजना के जरिए वसूलने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए बिजलीघरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर भी लगाए गए, लेकिन उपभोक्ताओं की कम भागीदारी के कारण लक्ष्य हासिल नहीं हो सका।

उपभोक्ताओं की लापरवाही से बढ़ रहा घाटा


निगम अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता बिजली का उपयोग तो करते हैं, लेकिन समय पर बिल जमा नहीं करते, जिससे निगम को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ओटीएस योजना में बकाया जमा करने पर विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को छूट भी दी गई थी, फिर भी अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।

योजना समाप्ति के करीब, नुकसान की आशंका


ओटीएस योजना फरवरी के अंत में समाप्त होने वाली है। निगम का मानना है कि अब समय कम बचा है और बकाया राशि की पूरी वसूली मुश्किल नजर आ रही है, जिससे निगम को फिर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

अधिकारी का बयान


मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन ने बताया कि ओटीएस के माध्यम से अब तक 50 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है और कई क्षेत्रों में अभी भी शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बकाया वसूला जा सके

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