बनारसी सेवइयों व कन्नौज के इत्र से महका माह-ए-रमजान

Share your love

. 150 से लेकर 500 रुपए प्रति किलो तक की सेवाइयां उपलब्ध

Mediawali news, नोएडा
माह-ए-रमजान शुरू होते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। खासतौर पर बनारसी सेवइयों और कन्नौज के इत्र की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। सेक्टर-18, अट्टा मार्केट, सेक्टर-8 और आसपास के बाजार में इन उत्पादों की बिक्री तेज हो गई है। सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन का कहना है कि रमजान के दौरान बनारसी सेवइयों की खास मांग रहती है। इस बार भी बाजार में पतली, मोटी, रोस्टेड और खास शीरखुरमा वाली सेवइयों की अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध हैं। थोक व्यापारियों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार मांग करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। कुछ सेवइयां हाथों से बनाई हुई होती हैं तो कुछ मशीनों से तैयार होती हैं। बनारस की सेवइयों की सबसे ज्यादा मांग इसलिए भी होती है क्योंकि इनमें अलग ही स्वाद और मिठास होती है। करीब 150 से लेकर 500 रुपए प्रति किलो तक की सेवाइयां उपलब्ध हैं।

100 से लेकर 5,000 तक के इत्र उपलब्ध
कन्नौज का पारंपरिक इत्र भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। गुलाब, केवड़ा, ऊद और मोगरा की खुशबू वाले इत्रों की अच्छी बिक्री हो रही है। दुकानदारों के पास मुंबई समेत अन्य स्थानों से इत्र आये हैं। सऊदी अरब के इत्र की भी खूब मांग है। कई दुकानदारों ने बताया कि रमजान और ईद के मौके पर लोग कपड़ों के साथ इत्र की खरीदारी को भी अहम मानते हैं। छोटे पैक से लेकर प्रीमियम कलेक्शन तक बाजार में उपलब्ध हैं। रमजान माह की पवित्रता को देखते हुए नॉन-एल्कोहोलिक इत्र ही उपयोग में लाए जाते हैं। एक सौ रुपए से लेकर पांच हजार तक के इत्र बिक रहे हैं।


हर साल रमजान माह में बनारस से सेवइयां लाते हैं। इसके अलावा दिल्ली के जामा मस्जिद से करीब 8-10 लाख की सेवइयां लाते हैं।
मो. इम्तियाज, सेवई व्यापारी

रमजान की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए नॉन एल्कोहोलिक इत्र की मांग बढ़ी है, जो कन्नौज और मुंबई समेत सऊदी अरब में बनते हैं। – मो वसीम, इत्र व्यापारी

Anjali Priya
Anjali Priya
Articles: 128

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us