8 साल बाद नाबालिग ने 60 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार और हत्या का किया दोषी ठहराया गया
दिल्ली की रोहिणी अदालत ने मंगलवार को एक नाबालिग को दोषी ठहराया, जिसने नवंबर 2017 में 60 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या की। उस समय आरोपी नाबालिग था। अपराध के एक साल बाद, नाबालिग न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) ने तय किया कि आरोपी को वयस्क की तरह ट्रायल किया जाना चाहिए। इसके बाद मामला अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया।
अदालत ने कहा कि घटनास्थल से मिली धातु की लाठी नाबालिग ने महिला के जननांग में डाली थी, जिससे महिला को गंभीर आंतरिक चोटें लगीं। इस अत्यंत क्रूर वारदात के दौरान, मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की और चेतावनी दी, लेकिन नाबालिग ने हथियार दिखाकर उसे धमकाया। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तीन दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी नाबालिग को अगले दिन उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि चोटें इतनी गंभीर थीं कि स्पष्ट होता है कि नाबालिग ने केवल हत्या का इरादा नहीं किया था, बल्कि उसने जानबूझकर महिला की हत्या करने की ठानी थी।
साक्ष्य में सुरक्षा गार्ड की गवाही, मौके से बरामद हथियार, फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपी के घर से बरामद कपड़ों पर मृतक का खून शामिल था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई कि धातु की लाठी से ही महिला के जननांग में लगी घातक चोटें हुईं। प्रसिद्ध कानून विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला नाबालिग अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण है और न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी उम्र के अपराधी के खिलाफ गंभीर अपराध में कठोर कार्रवाई की जा सकती है।