रिटायर्ड कर्नल को 1,000 रुपये का लालच देकर साइबर ठगों ने 32 लाख रुपये हड़पे

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वॉट्सऐप ग्रुप पर जोड़कर दी गई फर्जी ट्रेनिंग, SBI Securities के नाम पर कराया निवेश

सेक्टर-37 में रहने वाले एक रिटायर्ड कर्नल को शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने 32 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित के वॉट्सऐप नंबर पर 5 सितंबर को एक महिला ने संपर्क किया और बातचीत शुरू की। उसने घर बैठे शेयर बाजार में निवेश कर डबल मुनाफा कमाने की स्कीम बताई और उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया। ठगों ने SBI Securities का लोगो और कंपनी के कथित CEO की फोटो दिखाकर कर्नल का भरोसा जीत लिया।

यकीन होने पर पीड़ित ने 15 सितंबर को 25 हजार रुपये निवेश किए, जिसके बदले ठगों ने 1,000 रुपये मुनाफे के तौर पर लौटाए। इस पर भरोसा करके कर्नल ने सात ट्रांजैक्शनों में 32 लाख 25 हजार रुपये ठगों के खाते में डाल दिए। बाद में जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने की बात कही, ठगों ने 38 लाख रुपये ‘टैक्स’ के नाम पर जमा करने को कहा। इसी पर उन्हें ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की और साइबर थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस खातों के आधार पर जांच कर रही है।

 फर्जी वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर जीता भरोसा

दमन दत्ता (57) ने बताया कि वे सेक्टर-37 अरुण विहार में परिवार के साथ रहते हैं और भारतीय सेना से रिटायर्ड कर्नल हैं। 5 सितंबर को नीतिका भल्ला नाम की महिला ने खुद को SBI बैंक से जुड़ा बताते हुए उनसे संपर्क किया। उसने SBI Securities की ‘ब्लॉक ट्रेडिंग स्कीम’ में निवेश का लालच दिया और जल्द ही डबल मुनाफा होने का दावा किया। बाद में उसने उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया, जिसमें SBI Securities का असली जैसा लोगो और CEO सुरेश शुक्ला का नाम-फोटो लगा हुआ था। इसी वजह से कर्नल को उस पर भरोसा हो गया।

करीब 10 दिन तक उन्हें शेयर मार्केट में निवेश की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। 17 सितंबर को 1,000 रुपये मुनाफे के रूप में लौटाने के बाद कर्नल पूरी तरह झांसे में आ गए और 25 सितंबर तक कुल 32 लाख 25 हजार रुपये ठगों को भेज दिए। कुछ दिन बाद जब ठगों ने अचानक 38 लाख रुपये और मांगे, तब उन्हें ठगी का पता चला।

SBI Securities ऑफिस पहुंचकर खुली आंख—पता चला, पूरा खेल फर्जी था

संपर्क टूटने के बाद पीड़ित सेक्टर-18 स्थित SBI Securities कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने बताया कि वे पूरी तरह से ठगी का शिकार हुए हैं। बैंक ने स्पष्ट किया कि न तो उनका इस तरह की किसी स्कीम से कोई संबंध है और न ही वे वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर किसी से निवेश कराते हैं।

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