नोएडा में बढ़ेगी प्रदूषण जांच व्यवस्था
बिना पीयूसी मिलेगा 10,000 तक का चालान
वाहन प्रदूषण नियंत्रण को सख्ती से लागू करने के लिए जनपद में अब 25 नए प्रदूषण जांच केंद्र (PUC सेंटर) खोले जा रहे हैं। फिलहाल जिले में 136 केंद्र संचालित हैं, लेकिन बढ़ते वाहनों और जांच की अधिक जरूरत को देखते हुए संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पात्र आवेदकों को अनुमति दी जाएगी।
नए केंद्र खुलने से मिलेगी राहत
परिवहन विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों से नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के अनुरोध मिल रहे हैं।
इनकी जांच के बाद योग्य आवेदकों को अनुमति दी जाएगी। अधिक पीयूसी केंद्र खुलने से वाहन चालकों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और प्रदूषण की निगरानी भी अधिक प्रभावी हो पाएगी।
पीयूसी अनिवार्य — नहीं बनवाया तो भारी जुर्माना
वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) बनवाना हर वाहन मालिक के लिए जरूरी है।
यह रिपोर्ट बताती है कि वाहन से निकलने वाला धुआं मानकों के भीतर है या नहीं। बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाना कानूनी अपराध है। ऐसे में 10,000 रुपये तक का चालान लगाया जा सकता है।
कई मामलों में चालान दोगुना भी हो सकता है, इसलिए समय पर जांच करवाना जरूरी है।
स्वच्छ हवा के लिए जरूरी कदम
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर वाहन प्रदूषण जांच करवाने से वायु प्रदूषण में कमी आती है और इसका सीधा फायदा लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
परिवहन विभाग का मानना है कि नए जांच केंद्रों के बाद प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली और मजबूत होगी।
वाहन मालिकों से अपील
परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे नियमों का पालन करें और समय पर पीयूसी बनवाकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।
– नंद कुमार, एआरटीओ, नोएडा