मुझे चरणों से लगा ले मेरे श्याम मुरली वाले” की भक्तिमय गूंज के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
नोएडा सेक्टर-19 में निकली भव्य कलश शोभायात्रा, सात दिनों तक बहेगी भक्ति रस की धारा
नोएडा के सेक्टर-19 स्थित शनि मैदान में मंगलवार को भारत विकास परिषद के तत्वावधान में विशाल श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। “मुझे चरणों से लगा ले मेरे श्याम मुरली वाले” जैसे मधुर भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कलश शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
कथा से पूर्व नगर की माताओं-बहनों, परिषद के पदाधिकारियों, सदस्यों और बड़ी संख्या में नगरवासियों द्वारा विशाल कलश शोभायात्रा निकाली गई। भक्तजन सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकले, जिससे पूरा क्षेत्र वृंदावनमय नजर आया।
वृंदावन से आए मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज का प्रवचन
वृंदावन से पधारे मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कथा के प्रथम दिवस कहा कि मंगलवार से नोएडा वृंदावन धाम बन गया है और यहां सात दिनों तक भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित होगी। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप है, जो भक्ति, ज्ञान और त्याग का मार्ग दिखाता है।
भागवत शब्द का भावार्थ समझाया
महाराज ने ‘भागवत’ शब्द का भावार्थ बताते हुए कहा—
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‘भ’ भवसागर में प्रकाश देता है
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‘ग’ जीवन को गति देता है
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‘व’ सभी पुराणों में श्रेष्ठता दर्शाता है
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‘त’ यह संकेत देता है कि भागवत की शरण लेने वाला संसार सागर से तर जाता है
गीता, रामायण और भागवत का अंतर
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत साक्षात श्रीकृष्ण स्वरूप, श्रीमद् गीता भगवान की वाणी, गीता योग शास्त्र, रामायण प्रयोग शास्त्र और श्रीमद्भागवत वियोग शास्त्र है। भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो सकता है।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान महाराज के मधुर भजनों और रसपूर्ण प्रवचनों से श्रोता भाव-विभोर हो उठे। कई भक्त भक्ति में लीन होकर नृत्य करने लगे। कथा स्थल पर पूरे दिन श्रद्धा, आनंद और अध्यात्म का माहौल बना रहा।