केस लड़ने के लिए करते थे वाहन चोरी, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
नोएडा में सक्रिय गैंग का भंडाफोड़, 50 लाख के पुर्जे बरामद
नोएडा पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने शनिवार को दो वाहन चोर और दो कबाड़ियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 10 वाहनों के कटे हुए पुर्जे बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी दिन में गाड़ियों की रेकी (जांच-पड़ताल) करते थे और रात में वाहन चोरी कर उन्हें टुकड़ों में बेच देते थे।
आरोपियों की पहचान मोनू और जगन यादव के रूप में हुई है, जो बुलंदशहर के सरायघासी गांव के रहने वाले हैं। डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि थाने में हाल ही में कई वाहन चोरी की शिकायतें दर्ज हुई थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें दोनों चोरों की पहचान हुई। फुटेज के आधार पर टीम ने सेक्टर-118 से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना मोनू अपने ऊपर चल रहे 17 से अधिक मुकदमों की पैरवी के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से चोरी करता था। चोरी की गई गाड़ियों को वह कबाड़ी इमरान और सोहनबीर के पास लेकर जाता था, जो वाहनों के पुर्जे एक घंटे में खोलकर कबाड़ में बदल देते थे।
सीसीटीवी से बचने की चालाकी, वॉट्सऐप कॉल से करते थे बातचीत
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के दौरान मोबाइल नेटवर्क का उपयोग नहीं करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। वे एक-दूसरे से केवल वॉट्सऐप कॉल पर बात करते थे। चोरी की घटनाएं वे ऐसे इलाकों में अंजाम देते थे, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते थे। चोरी के बाद, वाहनों के पार्ट्स को कम दामों पर दिल्ली, हरियाणा और अन्य जिलों में बेच दिया जाता था।
डीसीपी ने बताया कि इस गैंग का नेटवर्क बुलंदशहर, हरियाणा, अलीगढ़, गाजियाबाद और नोएडा तक फैला हुआ है। ये लोग खासकर पुरानी कारों को निशाना बनाते थे, ताकि उनके पार्ट्स आसानी से बाजार में बेचे जा सकें। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो कारें, इंजन और नंबर प्लेट बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस मोनू और उसके अन्य साथियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।