एयर पॉल्यूशन से बढ़ी साइनस की परेशानी, अस्पतालों की ओपीडी में बढ़े मरीज
नोएडा में सांस और साइनस की समस्याएं बनी चिंता का कारण
शहर में बदलते मौसम और बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। पिछले एक सप्ताह से जिला अस्पताल की ओपीडी में साइनस और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से दोपहर तक ओपीडी में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
प्रदूषण बना साइनस की बड़ी वजह
डॉक्टरों के अनुसार हवा में धूल, धुआं और प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ने से नाक और साइनस की नलियों में सूजन की समस्या बढ़ रही है। इसका असर सीधे सांस लेने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है, जिससे लोगों को लगातार परेशानी हो रही है।
30% तक बढ़े मरीज: डॉक्टर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत के अनुसार हाल के दिनों में नाक बंद रहना, सिर भारी होना, चेहरे में दर्द, बार-बार छींक आना और खांसी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि कई मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां और नाक में स्प्रे का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो रही है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों का कहना है कि साइनस की समस्या को हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है। समय पर जांच और सही इलाज से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह लंबे समय तक बनी रह सकती है और सांस से जुड़ी दूसरी बीमारियों का कारण भी बन सकती है।
डॉक्टरों की सलाह: क्या करें
-
सुबह और शाम ठंडी हवा से बचें
-
नाक की नियमित साफ-सफाई रखें
-
भाप लें, इससे नाक खुलने में राहत मिलती है
-
धूल, धुआं और प्रदूषण वाले इलाकों से दूरी बनाएं
-
लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें
इन बातों से करें परहेज
-
बिना सलाह दवा लेने या लंबे समय तक नाक के स्प्रे इस्तेमाल करने से बचें
-
ठंडे पेय पदार्थों और बहुत ठंडे वातावरण से दूरी रखें
-
जुकाम, सिर दर्द या चेहरे के दर्द को नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा प्रदूषित माहौल में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। सही समय पर इलाज से साइनस की परेशानी को बढ़ने से रोका जा सकता है।