अटेवा कार्यकर्ताओं ने FIR की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
2 दिसंबर को जिले में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन
अटेवा पुरानी पेंशन बहाली मंच द्वारा 25 नवंबर को जंतर-मंतर, दिल्ली में शांतिपूर्ण धरने के बाद दर्ज की गई FIR के विरोध में सोमवार को जिलेभर में अटेवा कार्यकर्ताओं ने FIR की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
“शांतिपूर्ण आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार” – अटेवा जिला संयोजक
जिला संयोजक रविंद्र सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी मांग रखना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस FIR ने लोकतांत्रिक मूल्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“लोकतंत्र पर सीधा प्रहार” – जिला महामंत्री
जिला महामंत्री जगवीर भाटी ने कहा कि NMOPS/अटेवा पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर दर्ज की गई FIR लोकतंत्र और न्याय की भावना पर सीधा प्रहार है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत FIR को वापस ले।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष का बयान: FIR लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नौरंगी देवी ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ अटेवा का धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण था, बावजूद इसके FIR दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
ब्लॉक अध्यक्षों की सख्त मांग: FIR तत्काल वापस ली जाए
जेवर ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र विश्वकर्मा
उन्होंने कहा कि निर्दोष साथियों पर दर्ज FIR बिना देरी के रद्द की जाए।
दनकौर ब्लॉक अध्यक्ष दीपक भाटी
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
दादरी ब्लॉक अध्यक्ष रोहतास कुमार
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
“संघर्ष जारी रहेगा” – अटेवा जिला संयोजक व कार्यकर्ता
जिला संयोजक हरलाल सिंह ने स्पष्ट कहा—“FIR वापस लो।”
कपिल चौधरी ने कहा—“जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
जिले में कई स्थानों पर फूंकी गईं FIR की प्रतियां
कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर FIR की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज किया, जिनमें शामिल हैं—
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विकासखंड दादरी
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दादरी
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ममूरा
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इंटर कॉलेज, नगला करौली (जेवर)
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जनता इंटर कॉलेज, जेवर
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प्राथमिक विद्यालय, कुलीपुरा
“पुरानी पेंशन हमारा अधिकार” – जिला आईटी सेल प्रभारी
जिला आईटी सेल प्रभारी हरेंद्र कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इसे प्राप्त करने तक संघर्ष जारी रहेगा।