गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्टेशन पर NIA ने किया गिरफ्तार
NIA ने बताया कि यह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से की गई 19वीं गिरफ्तारी है। एजेंसी अब अनमोल से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी कनेक्शनों के बारे में और जानकारी मिल सके। यह कार्रवाई NIA के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें आतंकियों, गैंगस्टरों और हथियार तस्करों के गठजोड़ को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने उसके भाई और गैंग के अहम सदस्य अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत डिपोर्ट किए जाने पर गिरफ्तार कर लिया है। अनमोल 2022 से फरार था और लंबे समय से अमेरिका में बैठकर भारत में कई आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा हुआ था। एनआईए को अमेरिका में उसकी मौजूदगी का इनपुट मिला था, जिसके बाद एजेंसी ने कानूनी रूप से अमेरिका से डिपोर्टेशन की सिफारिश की। इस पर कार्रवाई करते हुए अमेरिकी एजेंसियों ने अनमोल को एनआईए को सौंप दिया।
अमेरिका से ऑपरेट हो रहा था बिश्नोई नेटवर्क, NIA जांच में सामने आए बड़े खुलासे
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तरफ से प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी गई है। एजेंसी के अनुसार अनमोल बिश्नोई के खिलाफ मार्च 2023 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। जांच में यह साफ हुआ कि वह न सिर्फ अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग को संभाल रहा था। साथ ही डिज़िग्नेटेड टेररिस्ट गोल्डी ब्रार को भी सक्रिय रूप से समर्थन देता था। 2020 से 2023 के बीच देश में हुई कई बड़ी वारदातों में अनमोल की भूमिका पाई गई है। लॉरेंस बिश्नोई के जेल जाने के बाद गैंग की कमान काफी हद तक अनमोल के हाथ में आ गई थी। वह अमेरिका में बैठकर भारत में रंगदारी, वसूली, धमकी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे मामलों को ऑपरेट कर रहा था। गैंग के शूटरों को शरण देने और उन्हें हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के भी सबूत मिले हैं।
सबसे बड़ा आरोप यह है कि अनमोल बिश्नोई ही महाराष्ट्र के NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड था। जांच में सामने आया है कि शूटरों को हथियार उपलब्ध कराना, वारदात की प्लानिंग करना और पूरी तैयारी करवाने का काम अनमोल ने ही किया था।