दुर्घटनावश हुआ धमाका : केंद्र का बयान — फॉरेंसिक सैंपलिंग के दौरान नौगाम थाने में विस्फोट
जम्मू-कश्मीर के नोगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण धमाके के संबंध में केंद्र सरकार ने कहा है कि यह विस्फोट फॉरेंसिक सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान दुर्घटनावश हुआ। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (जम्मू-कश्मीर डिवीजन) प्रशांत लोखंडे ने बताया कि घटना की जांच जारी है और सभी एजेंसियाँ वैज्ञानिक और समन्वित तरीके से काम कर रही हैं।
फॉरेंसिक प्रक्रिया के दौरान हुआ विस्फोट
लोखंडे ने बताया कि जांच के तहत बरामद किए गए रासायनिक और विस्फोटक पदार्थों को मानक प्रक्रिया के अनुसार फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा था।
उन्होंने कहा,
“बरामद सामग्री की मात्रा बहुत अधिक थी, इसलिए पिछले दो दिनों से लगातार SOP के अनुसार उसकी सैंपलिंग चल रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान रात करीब 11.20 बजे एक दुर्घटनावश विस्फोट हुआ।”
उन्होंने आगे कहा कि घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है और किसी भी तरह के अनुमान या अफवाह की आवश्यकता नहीं है।
“सरकार इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिजनों के साथ खड़ी है।”
धमाका इतना शक्तिशाली कि 30 किमी दूर तक महसूस हुई कंपन
एक वरिष्ठ जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट बेहद शक्तिशाली था।
उन्होंने कहा,
“धमाके का झटका 30 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया। पुलिस स्टेशन और आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ आग की चपेट में आ गईं। पुलिसकर्मियों के बैरक तक नुकसान पहुंचा और कई अधिकारी घायल हो गए।”
जेईएम मॉड्यूल की जांच का केंद्र था नौगाम थाना
नोगाम पुलिस स्टेशन वही स्थान है जहाँ से हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद जेईएम के एक इंटरस्टेट टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ था।
जांच में नोगाम क्षेत्र में लगे जेईएम से जुड़े पोस्टरों से सुराग मिला, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस को घाटी से सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक ले गया, और एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
350 किलो अमोनियम नाइट्रेट समेत 2,900 किलो संदिग्ध सामग्री बरामद
मॉड्यूल पर की गई छापेमारी में पुलिस ने—
350 किलो अमोनियम नाइट्रेट,
कुल 2,900 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री,
पोटाश, फॉस्फोरस, और कई रसायन,
ज्वलनशील पदार्थ,
इलेक्ट्रॉनिक सर्किट,
बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर
और धातु की शीटें
बरामद की थीं।
यही वही सामग्री थी जिसके फॉरेंसिक सैंपलिंग के दौरान यह हादसा हुआ।