Assam Violence Update: पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हालात धीरे-धीरे सामान्य, निषेधाज्ञा और इंटरनेट बंद

Share your love

 पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हालात धीरे-धीरे सामान्य, निषेधाज्ञा और इंटरनेट बंद

असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में कार्बी और बिहारी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। हिंसा प्रभावित इलाकों में फिलहाल किसी नई घटना की सूचना नहीं है, हालांकि एहतियात के तौर पर जिले में निषेधाज्ञा लागू है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद रखी गई हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भारी सुरक्षा बलों की तैनाती

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण बनी हुई है। संवेदनशील इलाकों में असम पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारतीय सेना के जवानों की तैनाती जारी है। सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

जमीन विवाद से भड़की थी हिंसा

हिंसा की जड़ गांव चराई रिजर्व (VGR) और प्रोफेशनल ग्रेजिंग रिजर्व (PGR) की जमीन को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। कार्बी समुदाय का आरोप है कि आदिवासी इलाकों में हिंदी भाषी लोगों द्वारा अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया, जो बाद में हिंसा में बदल गया।

मृतकों का शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में मारे गए दोनों लोगों का बुधवार रात शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया गया। दिव्यांग युवक सुरेश डे का शव उनके घर और दुकान से बरामद हुआ था, जिसे हिंसक भीड़ ने आग के हवाले कर दिया था। वहीं, कार्बी समुदाय के अथिक तिमुंग की मौत पुलिस फायरिंग में हुई। सबसे अधिक प्रभावित इलाका खेरेनी रहा है, जहां कार्बी के अलावा बिहारी, बंगाली और नेपाली समुदाय के लोग रहते हैं।

भूख हड़ताल से बिगड़े हालात

गौरतलब है कि कार्बी समुदाय के कुछ लोग पिछले 15 दिनों से वीजीआर और पीजीआर भूमि से कथित अवैध बसावट हटाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। सोमवार तड़के पुलिस द्वारा तीन प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई। प्रशासन का कहना है कि उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया था। मंगलवार को खेरेनी में हिंसा भड़क उठी, जिसमें 70 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।

सेना का फ्लैग मार्च, सीएम का बयान

हालात को काबू में रखने के लिए भारतीय सेना की एक टुकड़ी ने हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि चराई भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को तुरंत स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थगन आदेश लागू है। प्रशासन का कहना है कि शांति बहाल करना फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us