वैश्विक तेल संकट: युद्ध की आग में झुलसती दुनिया, कई देशों में इमरजेंसी जैसे हालात
मिडिल ईस्ट युद्ध का वैश्विक असर
Mediawali news
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट की चपेट में ला दिया है। बीते 27 दिनों से चल रहे इस संघर्ष के कारण तेल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। नतीजतन, कई देशों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, लंबी कतारें और आसमान छूती कीमतें आम हो गई हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि अफवाहों के चलते उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी।
सरकार ने अतिरिक्त सप्लाई सुनिश्चित की
किसी तरह की कैपिंग लागू नहीं की गई
घरेलू गैस की सप्लाई तय समय पर जारी है
फिलीपींस में ऊर्जा आपातकाल
तेल संकट के चलते फिलीपींस ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है।
सप्लाई बाधित होने की आशंका
कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव
आर्थिक स्थिरता पर खतरा
पाकिस्तान में हालात गंभीर
पाकिस्तान की स्थिति बेहद खराब होती जा रही है क्योंकि वह 70% तेल आयात पर निर्भर है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 200% तक वृद्धि
स्कूल और यूनिवर्सिटी बंद
सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 दिन का वर्क वीक
बांग्लादेश में सीमित ईंधन
बांग्लादेश के पास सिर्फ 9 से 14 दिनों का ईंधन स्टॉक बचा है।
रोजाना 5 घंटे बिजली कटौती
ऑनलाइन क्लासेस शुरू
उद्योगों को प्राथमिकता
श्रीलंका में कड़े प्रतिबंध
श्रीलंका में ईंधन की भारी कमी के कारण सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े।
पेट्रोल खरीद पर 15 लीटर साप्ताहिक सीमा
QR कोड आधारित ईंधन वितरण
सार्वजनिक अवकाश घोषित
यूरोप भी नहीं बचा
जर्मनी और फ्रांस जैसे विकसित देश भी इस संकट से जूझ रहे हैं।
गैस की कीमतों में 45% तक बढ़ोतरी
हीटिंग सिस्टम सीमित
इंडस्ट्री पर गैस लॉकडाउन
आगे क्या?
ईरान द्वारा कुछ देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का संकेत राहत दे सकता है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर और गहरा हो सकता है।