सिडनी आतंकी हमला: 16 की मौत, 45 घायल; ऑस्ट्रेलिया में गुस्सा, अखबार ने लिखा ‘यू बास्टर्ड्स’

Share your love

सिडनी/नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। समुद्र किनारे यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का पर्व का जश्न मना रहे थे, तभी अचानक हुई गोलीबारी में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

देशभर में आक्रोश, मीडिया का सख्त रुख

इस हमले को लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अखबार द डेली टेलीग्राफ ने असाधारण और आक्रामक रुख अपनाया है। अखबार ने आतंकी की तस्वीर के साथ फ्रंट पेज पर बड़ी हेडलाइन छापी— “यू बास्टर्ड्स”। यह हेडलाइन देश में फैले गुस्से, दुख और आक्रोश को साफ तौर पर दर्शाती है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

बाप-बेटे निकले हमलावर, पाकिस्तानी मूल होने का शक

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले को अंजाम देने वाले दोनों आतंकी बाप-बेटे थे।

  • साजिद अकरम (50 वर्ष) को पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में मौके पर ही गोली मार दी।

  • उसका बेटा नवीद अकरम (24 वर्ष) गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है।

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस को शक है कि दोनों का पाकिस्तानी मूल हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही की जाएगी।

वीजा और नागरिकता से जुड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। बाद में उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला से शादी की और अपना वीजा पार्टनर वीजा में बदल लिया। इसके बाद वह रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर रह रहा था और उसके पास ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता नहीं थी।
वहीं, उसका बेटा नवीद अकरम 2001 में ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुआ था और वह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। नवीद 2019 में ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी ASIO की निगरानी में भी आया था, लेकिन उस समय उसके खिलाफ हिंसा से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।

लाइसेंसी बंदूक से हमला

पुलिस के अनुसार, साजिद अकरम के पास कानूनी रूप से छह बंदूकें थीं। वह एक गन क्लब का सदस्य था और शिकार के लिए हथियार रखता था। एनएसडब्ल्यू पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हमले में जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ, वह भी लाइसेंसी था। हमले से पहले बाप-बेटे ने परिवार से कहा था कि वे मछली पकड़ने जा रहे हैं।

बुजुर्ग की बहादुरी बनी कई लोगों की ढाल

हमले के दौरान अहमद नाम के एक बुजुर्ग ने असाधारण साहस दिखाया। वायरल वीडियो में देखा गया कि उन्होंने जान जोखिम में डालकर एक आतंकी को पीछे से दबोच लिया और उसकी राइफल छीन ली। अहमद ने आतंकी को काफी दूर तक दौड़ाया और दो राउंड फायर करने की भी कोशिश की। उनकी बहादुरी से कई लोगों की जान बच सकी।

नेतन्याहू का ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर आरोप

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने और यहूदी-विरोधी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई न करने से कट्टरता को बढ़ावा मिला। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अगस्त 2025 में ही ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को चेतावनी दी थी।

वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

  • ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर ने इसे यहूदी-विरोधी आतंकी हमला बताया।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घटना को भयावह बताते हुए पीड़ितों के लिए प्रार्थना की।

29 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में बड़ा मास शूटिंग हमला

ऑस्ट्रेलिया में 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद सख्त गन कानून लागू किए गए थे। इसके बावजूद, बॉन्डी बीच हमला 29 वर्षों में सबसे बड़ा सामूहिक गोलीबारी का मामला माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना देश की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us