ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमला: बॉन्डी बीच पर हनुक्का समारोह के दौरान गोलीबारी, 12 की मौत, कई घायल
ऑस्ट्रेलिया में दुर्लभ लेकिन सबसे घातक हमला
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हनुक्का (यहूदी पर्व) के पहले दिन हुए भीषण गोलीकांड में 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है। इस हमले में कम से कम 29 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से जख्मी हुए हैं। अधिकारियों ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है।
यहूदी समुदाय को बनाया गया निशाना
पुलिस के अनुसार, यह हमला खास तौर पर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया। बॉन्डी बीच पर हनुक्का के पहले दिन का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें करीब 1,000 से ज्यादा लोग शामिल थे। तभी अचानक गोलियां चलने लगीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
कहां स्थित है बॉन्डी बीच
बॉन्डी बीच ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में सिडनी के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह देश के सबसे लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक है और हर साल लाखों स्थानीय व विदेशी पर्यटक यहां आते हैं।
कैसे हुआ हमला
न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस को स्थानीय समयानुसार शाम 6:47 बजे गोलियां चलने की सूचना मिली। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा गया कि सैकड़ों लोग समुद्र तट से भागते नजर आए।
बीबीसी द्वारा सत्यापित एक वीडियो में दो हमलावर कैंपबेल परेड के पास बने एक छोटे पुल से भीड़ पर फायरिंग करते दिखे। इसी पुल के पास हनुक्का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
आम नागरिक की बहादुरी
हमले के दौरान एक व्यक्ति ने जान जोखिम में डालकर एक हमलावर से बंदूक छीन ली। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिंस ने उस व्यक्ति को “सच्चा हीरो” बताया। उन्होंने कहा कि उसकी बहादुरी से कई लोगों की जान बची।
मृतकों और घायलों की स्थिति
पुलिस ने पुष्टि की है कि 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक हमलावर शामिल है। दूसरा हमलावर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 29 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
आतंकी हमला घोषित, जांच जारी
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास बड़ा सुरक्षा घेरा बना दिया है। एक कार से संदिग्ध विस्फोटक (IED) मिलने के बाद विशेषज्ञ टीमें जांच कर रही हैं। न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर मल लैन्यन ने कहा कि जांच में “कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी” और फिलहाल बदले की भावना से बचने की अपील की।
प्रधानमंत्री का बयान
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने इस हमले को “घोर यहूदी-विरोधी आतंकवादी कृत्य” बताया। उन्होंने कहा,
“आज हमने ऐसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को देखा, जो दूसरों की मदद के लिए खतरे की ओर दौड़े। वे सच्चे हीरो हैं और उनकी बहादुरी ने कई जिंदगियां बचाई हैं।”
1996 के बाद सबसे घातक घटना
ऑस्ट्रेलिया में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं। बॉन्डी बीच हमला 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद देश का सबसे घातक शूटिंग कांड माना जा रहा है।