जर्मनी ने रूस पर साइबर अटैक और चुनाव हस्तक्षेप का आरोप लगाया
जर्मनी ने रूस पर 2024 में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम पर साइबर हमला करने और 2025 के संघीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। इसके बाद जर्मनी ने रूसी राजदूत को तलब किया है और यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर साइबर हमला: जर्मनी का बड़ा दावा
जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अगस्त 2024 में जर्मन एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर हुए साइबर अटैक के पीछे रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU थी।
अटैक को कुख्यात रूसी हैकर ग्रुप फैंसी बेयर (Fancy Bear) से जोड़ा गया है।
फरवरी 2025 के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश
प्रवक्ता ने कहा कि रूस ने “Storm 1516” नाम से एक डिसइन्फॉर्मेशन अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य जर्मनी के संघीय चुनावों को अस्थिर करना था।
यह अभियान खास तौर पर—
-
ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार रॉबर्ट हाबेक,
-
और CDU नेता व वर्तमान चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़
—पर केंद्रित था।
जर्मन सुरक्षा एजेंसियों ने चुनाव से ठीक पहले फर्जी वीडियो और मतदान में हेरफेर के झूठे दावों को पकड़कर निष्प्रभावी किया।
यूरोप में बढ़ती साइबर सुरक्षा चिंताएं
जर्मनी के आरोप ऐसे समय में आए हैं जब रूस द्वारा यूक्रेन पर 2022 में हमले के बाद से यूरोप में रूसी साइबर-हमलों, हैकिंग और हाइब्रिड युद्ध की आशंकाएं बढ़ी हैं।
फैंसी बेयर इससे पहले—
-
US Democratic National Committee पर 2016 का साइबर अटैक,
-
और WADA डेटा लीक
—के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
इन नए आरोपों पर रूस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मॉस्को पहले भी यूरोपीय देशों द्वारा लगाए गए ऐसे आरोपों को “झूठा और राजनीतिक” बताकर खारिज करता रहा है।