Hong Kong में भयंकर आग: मौतों का आंकड़ा 146 तक पहुंचा

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हांगकांग के ताई पो (Tai Po) क्षेत्र में स्थित वांग फुक कोर्ट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी विनाशकारी आग से अब तक 146 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह घटना पिछले 70 सालों में हांगकांग की सबसे भयावह आग मानी जा रही है। पुलिस ने बताया है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी 150 से अधिक लोग लापता हैं और कई घायल अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।

आग लगने के कारणों को लेकर बड़ा विवाद

आग बुधवार को शुरू हुई और देखते ही देखते सात ऊंची इमारतों में फैल गई। अधिकारियों का कहना है कि इमारतों के बाहरी हिस्सों पर लगी प्लास्टिक नेटिंग और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। इस घटना ने हांगकांग में निर्माण सामग्री की सुरक्षा और नियमों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

इसके अलावा, इमारतों पर बांस की मचान (Bamboo Scaffolding) लगी हुई थी, जिसका उपयोग हांगकांग में वर्षों से निर्माण कार्यों में किया जाता है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी बड़ी इमारतों पर इस तरह की संरचना सुरक्षित है और क्या इसे भविष्य में जारी रखा जाना चाहिए।

अलार्म सिस्टम फेल, लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके

कई निवासियों ने बताया कि आग लगने पर उन्हें फायर अलार्म की आवाज सुनाई नहीं दी। जांच में पाया गया कि सभी आठ टावरों में अलार्म प्रणाली प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही थी। अधिकतर मृतक बुजुर्ग हैं, क्योंकि लगभग 40% निवासी 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, जिनके लिए समय पर बाहर निकलना संभव नहीं हो पाया।

गिरफ्तारियां और भ्रष्टाचार के आरोप

इस हादसे के बाद पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंजीनियरिंग कंपनी के डायरेक्टर, स्कैफोल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर और निर्माण के जिम्मेदार लोग शामिल हैं। तीन लोगों पर मैनस्लॉटर (गैर-इरादतन हत्या) का आरोप है, जबकि आठ लोगों पर भ्रष्टाचार और नियमों में धांधली करने का संदेह जताया गया है। अधिकारियों का दावा है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिससे आग इतनी तेजी से फैली।

फायर ब्रिगेड का संघर्ष और शहीद जवान

लगभग 2,000 फायरफाइटर इस आग को बुझाने में लगे और इसे पूरी तरह नियंत्रित करने में तीन दिन का समय लगा। इस दौरान कई फायरमैन घायल हुए और 37 वर्षीय फायरफाइटर हो वाई-हो (Ho Wai-ho) की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई।

स्मृति और शोक: पूरा शहर रो पड़ा

हजारों लोग वांग फुक कोर्ट पहुंचकर फूल, प्रार्थना और संदेश अर्पित कर रहे हैं। प्रतीक्षा करने वाली कतारें 2 किलोमीटर तक फैली हुई हैं। हांगकांग सरकार ने तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है—चीन और हांगकांग के झंडे आधे झुके हैं और पूरे शहर में मौन रखा जा रहा है।

एक दुखद स्मृति, एक बड़ी चेतावनी

1983 में बने इस आवासीय परिसर में करीब 4,600 लोग रहते थे। यह हादसा केवल आग की घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण सामग्री और नियमों की गंभीर विफलता की ओर इशारा करता है।

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