गाजा में मौतों का आँकड़ा 70,000 पार — हालात बेहद गंभीर
गाजा (Gaza) — 2023 में शुरू हुए युद्ध के बाद से गाजा में हालत लगातार बुरे होते जा रहे हैं। शनिवार को Gaza Health Ministry (गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय) ने कहा कि अब तक गाजा में मरने वालों की संख्या 70,100 से अधिक हो चुकी है।
हालाँकि 10 अक्टूबर 2025 को एक नया युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन उसके बाद भी संघर्ष बंद नहीं हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम के बाद से 352 से 354 फिलिस्तीनियों की मौत दर्ज की गई है।
क्या हो रहा है गाजा में?
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हवाई और ड्रोन हमले अभी भी जारी हैं — ऐसा ही एक हमला शनिवार को हुआ, जिसमें दलित बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए।
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बमबारी और नरसंहार के बीच, अस्पतालों, स्कूलों, और नागरिक इलाकों पर बम गिरते रहे। भारी तबाही के बाद कई शव मलबे के नीचे दबे हुए थे — जिन्हें बाद में निकाला जा रहा है।
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स्वास्थ्य सुविधाएं व्याप्त संकट में हैं। दवाइयाँ, एंबुलेंस, पानी, बिजली — कई ज़रूरी सेवाएं बंद या अधूरी हैं। अस्पतालों में चिताओं की कतारें लगी हुई हैं।
आंकड़े बताते हैं विस्फोटक स्थिति
| आँकड़ा | विवरण |
|---|---|
| कुल मौतें | 70,100+ |
| मौतें (युद्धविराम से बाद) | 352–354 |
| घायल व अन्य प्रभावित | लाखों लोग बेघर, भूखे, शरणार्थी |
| अस्पतालों की हालत | दवाइयों की किल्लत, शवगृह भर गए |
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
संयुक्त राष्ट्र और मानवीय संगठनों ने बार-बार घोर मानवीय संकट की ओर इशारा किया है। युद्ध, बमबारी, और पनाह-तलाश की स्थिति में हजारों आम लोग, बच्चे, बुज़ुर्ग — सब प्रभावित हैं।
युद्धविराम के बावजूद जब नागरिकों की जान ले ली जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय नियमों, मानवाधिकारों और कानून की धज्जियाँ उड़ी मानी जाती हैं। हालात उस ओर इशारा कर रहे हैं कि गाजा में युद्ध नहीं — एक मानवतावादी त्रासदी चल रही है।
अब क्या सम्भव है?
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पूरी तरह से मानवीय राहत जरूरी है — भोजन, पानी, दवाई, चिकित्सा सुविधा और शरण।
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तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप चाहिए ताकि बंदूकें शांत हों और आम नागरिकों की जान बचाई जा सके।
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शांति वार्ता का पुनरारंभ — बिना राजनीतिक समाधान के यह रक्त-रंजित दौर और कई सालों तक चल सकता है।
गाजा की हालत सिर्फ आँकड़ों या समाचारों में नहीं, बल्कि वहाँ के हर इंसान की ज़िंदगी में दर्द बन चुकी है। हमें आवाज़ उठानी होगी — नफरत नहीं, इंसानियत चाहिए।