दक्षिण-पूर्व एशिया में भीषण बाढ़

इंडोनेशिया में हालात सबसे बदतर – मौत का आंकड़ा 300 पार

Share your love
सैकड़ों लोगों की मौत, हजारों बेघर – इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया में तबाही

दक्षिण-पूर्व एशिया इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ से गंभीर संकट का सामना कर रहा है। मानसूनी बारिश और उष्णकटिबंधीय तूफानों के कारण कई देशों में पानी ने भारी तबाही मचा दी है। इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई अभी भी लापता हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार हुई बारिश पिछले कई दशकों में सबसे अधिक है।

इंडोनेशिया में हालात सबसे बदतर – मौत का आंकड़ा 300 पार

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में स्थिति बेहद भयावह है। अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं। कई इलाकों में सड़कों का संपर्क टूट गया है, बिजली और इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई हैं। बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन तेज बारिश और भूस्खलन के कारण रेस्क्यू में मुश्किलें आ रही हैं।

दुर्लभ चक्रवात सिन्यार (Cyclone Senyar) ने कई क्षेत्रों में जलप्रलय जैसे हालात पैदा कर दिए। हजारों घर और इमारतें पानी में डूब गईं। लोग तेजी से बहते पानी से बचने के लिए ऊंचे स्थानों में शरण लेने को मजबूर हुए। कई परिवार लौटकर जब अपने घर देखने गए, तो वहां सिर्फ जलभराव और मलबा बचा हुआ था।

थाईलैंड में 160 से अधिक मौतें, 38 लाख लोग प्रभावित

थाईलैंड के दस प्रांत बाढ़ से बेहाल हैं। दक्षिणी सॉन्गखला प्रांत में पानी का स्तर 3 मीटर तक बढ़ गया और अकेले इसी क्षेत्र में 145 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई। हैट याई शहर में एक ही दिन में 335 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 300 वर्षों में सबसे अधिक है। बाढ़ के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि स्थानीय अस्पतालों में शवगृह भर गए और कर्मचारियों को शव ट्रक में रखने पड़े।

लोगों का कहना है कि कई दिनों तक कोई सहायता दल नहीं पहुंचा। सरकार ने मृतक परिवारों को मुआवज़ा देने और राहत अभियान तेज करने की घोषणा की है।

मलेशिया और श्रीलंका भी बाढ़ से जूझ रहे – हजारों घर तबाह

मलेशिया में भले ही मौतों का आंकड़ा कम है, लेकिन तबाही उतनी ही गंभीर है। उत्तरी परलिस राज्य के बड़े हिस्से पानी में डूबे हुए हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

इसके अलावा श्रीलंका में भी चक्रवात Ditwah के चलते भारी तबाही हुई है। यहां 130 से ज़्यादा मौतें हुई हैं और 170 लोग लापता हैं। करीब 15,000 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और देश के एक तिहाई हिस्से में बिजली व पानी की आपूर्ति ठप है। सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है।

 

जलवायु परिवर्तन बना बड़ा कारण – मौसम हो रहा है और अधिक खतरनाक

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस विनाश के पीछे जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी वजह है। बदलते तापमान और समुद्र स्तर में वृद्धि ने तूफानों की तीव्रता बढ़ा दी है। मानसून का पैटर्न भी बदल गया है, जिससे अधिक तेज और लंबे समय तक बारिश हो रही है।

दक्षिण-पूर्व एशिया इस समय एक ऐतिहासिक प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हजारों परिवार बेघर, लाखों प्रभावित और सैकड़ों लोग जीवन से हाथ धो बैठे हैं। राहत और बचाव कार्य तेज किए जा रहे हैं, लेकिन बारिश और बाढ़ ने हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक प्रयास और भी जरूरी हो जाते हैं, ताकि ऐसी त्रासदियों को कम किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
News
Videos
Audios
Work With Us